उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलती हुई एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की जान बचाने और उन्हें समय पर वार्ड तक पहुँचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्ट्रेचर का उपयोग लकड़ियां ढोने के लिए किया जा रहा है। अस्पताल के कर्मचारियों की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद जिले के महकमे में हड़कंप मच गया है और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
कर्मचारियों ने बेखौफ होकर दिए ऐसे जवाब
घटना बुधवार शाम करीब 6 बजे मोतीझील चौराहे के पास की है, जहां अस्पताल के कुछ कर्मचारी स्ट्रेचर पर भारी-भरकम लकड़ियां लादकर ले जाते हुए कैमरे में कैद हो गए। जब वीडियो बनाने वाले शख्स ने इस अमानवीय और गैरकानूनी हरकत पर आपत्ति जताई और वजह पूछी, तो कर्मचारियों ने आनंद कुमार नामक कर्मी का नाम लिया। उन्होंने बेखौफ होकर दावा किया कि वे पहले इसी स्ट्रेचर पर पानी की मोटर लेकर गए थे और अब जलाने के लिए लकड़ियां ले जा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब कर्मचारियों ने लापरवाही स्वीकारने के बजाय तंज कसते हुए कहा कि “जो वीडियो बनाना है बना लो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।”
पहले भी पानी की मोटर ढोने में हो चुका है स्ट्रेचर का दुरुपयोग
यह पहला मौका नहीं है जब जिला अस्पताल के इस जीवनरक्षक उपकरण का इस तरह अपमानजनक इस्तेमाल किया गया हो। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी इसी स्ट्रेचर का उपयोग मरीजों के बजाय पानी की मोटर ढोने के लिए किया जा चुका है। जानकारों का कहना है कि अस्पताल में स्ट्रेचर इमरजेंसी और गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार कक्ष तक पहुँचाने के लिए अत्यंत आवश्यक संसाधन होते हैं, लेकिन उनका इस तरह निजी और अन्य कामों में धड़ल्ले से उपयोग होना अस्पताल के लचर प्रशासनिक नियंत्रण और अनुशासनहीनता को उजागर करता है।
सीएमएस ने माना मामला गंभीर
मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. पारितोष शुक्ला ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि स्ट्रेचर का इस तरह अन्य कार्यों में उपयोग करना पूरी तरह से गलत और उसका सरासर दुरुपयोग है। सीएमएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
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