ग्रेटर नोएडा(Greater Noida) प्राधिकरण की हालिया बोर्ड बैठक में आम जनता, कामगारों और सुरक्षाबलों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों से औद्योगिक शहर में रहने वाले हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलने जा रहा है। आइए, इस पूरी योजना को आसान शब्दों में समझते हैं।
श्रमिकों के लिए बनेंगे किफायती फ्लैट्स
ग्रेटर नोएडा में रोजी-रोटी की तलाश में आने वाले गरीब परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए प्राधिकरण 4,000 से 5,000 बहुमंजिला फ्लैट्स का निर्माण कराएगा। इसके लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पतवाड़ी और ईस्ट के बिरौंडी गांव के पास जमीन तय कर ली गई है। इन 30 से 40 वर्गमीटर के फ्लैटों में लिफ्ट की सुविधा के साथ-साथ दूध, सब्जी और रोजमर्रा की जरूरत की दुकानें भी बनाई जाएंगी ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
बाहर से आने वाले मजदूरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल
दूसरे शहरों से ग्रेटर नोएडा काम की तलाश में आने वाले श्रमिकों को रहने की परेशानी से बचाने के लिए अस्थायी आश्रयस्थल (ट्रांजिट हॉस्टल) बनाए जाएंगे। इसके वास्ते सेक्टर इकोटेक-6 और इकोटेक-11 में जमीन चिह्नित करके श्रम विभाग को निशुल्क सौंपी जा रही है, जिससे मजदूरों को महंगे कमरे या होटल का किराया नहीं देना पड़ेगा।
भूखंड आवंटियों और NDRF को राहत
बोर्ड ने मकान बनाने वाले आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून 2028 कर दी है। हालांकि, तय समय तक निर्माण पूरा न होने पर भूखंड निरस्त हो सकते हैं।
इसी के साथ आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में एनडीआरएफ (गाजियाबाद) के रीजनल रेस्पॉन्स सेंटर को 30 फ्लैट निशुल्क आवंटित किए गए हैं।