पश्चिम बंगाल(Bengal) में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य के प्रतीकात्मक रंगों में भी बदलाव नजर आने लगा है। इसी कड़ी में राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ के बाहरी स्वरूप में बदलाव किया गया है। पिछले करीब 15 वर्षों से नीले और सफेद रंग में नजर आने वाली नबान्न की पहचान अब गेरुआ रंग के स्पर्श के साथ दिखाई दे रही है।
नई सरकार बनने के लगभग दो महीने बाद नबान्न भवन के ऊपर लगी नाम पट्टिका का रंग बदला गया है। सोमवार सुबह लोगों ने देखा कि पहले नीले रंग में दिखाई देने वाली ‘नबान्न’ की पट्टिका अब गेरुआ रंग में नजर आ रही है। हालांकि, अभी पूरी प्रशासनिक इमारत का रंग नहीं बदला गया है। बदलाव केवल भवन के ऊपरी हिस्से में लगी पट्टिका तक सीमित है।
क्या पूरी इमारत होगी गेरुआ?
राज्य सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आने वाले समय में पूरी नबान्न बिल्डिंग को गेरुआ रंग में बदला जाएगा या नहीं। हालांकि, सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य के कई हिस्सों में नीले-सफेद रंग की जगह गेरुआ रंग दिखाई देने लगा है। ऐसे में भविष्य में अन्य सरकारी इमारतों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
स्कूल यूनिफॉर्म में भी बदलाव की तैयारी
इससे पहले सरकार ने सरकारी स्कूलों की यूनिफॉर्म के रंग में बदलाव का संकेत दिया था। वर्ष 2022 में तत्कालीन सरकार ने स्कूलों की ड्रेस का रंग नीला-सफेद कर दिया था। अब नई सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन स्कूलों की पहले से अलग यूनिफॉर्म थी वे अगले शैक्षणिक सत्र से अपने पुराने रंग में लौट सकते हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में लंबे समय तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस की सरकार के बाद राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है। नई सरकार के आने के बाद प्रशासनिक और सार्वजनिक प्रतीकों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नबान्न का बदला रंग भी इसी बदलाव की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।