टीवी के लोकप्रिय क्राइम शो CID के निर्माता बी.पी. सिंह के निधन से मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। शो में ACP प्रद्युम्न(ACP Pradyuman) का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता शिवाजी साटम इस खबर से बेहद दुखी हैं। बी.पी. सिंह का मंगलवार को हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया। शिवाजी साटम ने उन्हें अपना गुरु, मार्गदर्शक और करीबी दोस्त बताते हुए कहा कि उनके जाने से जिंदगी का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया है।
एक इंटरव्यू में शिवाजी साटम ने बी.पी. सिंह के साथ बिताए समय को याद किया। उन्होंने बताया कि वह थिएटर से जुड़े थे और मंच पर अभिनय करने का अनुभव रखते थे, लेकिन कैमरे के सामने अभिनय करने की बारीकियां उन्होंने बी.पी. सिंह से सीखीं। साटम के मुताबिक, सिंह सिर्फ एक निर्माता नहीं थे, बल्कि ऐसे शिक्षक थे जिन्होंने उनके अभिनय करियर को नई दिशा दी। उनके लिए बी.पी. सिंह का जाना किसी अपने को खोने जैसा है।
गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद करते रहे काम
शिवाजी साटम ने बी.पी. सिंह के काम के प्रति समर्पण का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हार्ट सर्जरी के कुछ महीनों बाद ही सिंह जंगल में कैमरा लेकर चेज सीक्वेंस की शूटिंग कर रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उन्होंने काम से दूरी नहीं बनाई।
साटम ने यह भी बताया कि CID की टीम ने 111 मिनट का एक लंबा एपिसोड बिना कट के एक ही टेक में शूट किया था। इस खास उपलब्धि के लिए शो का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ।
‘उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था’
शिवाजी साटम ने भारतीय टेलीविजन में बी.पी. सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह पद्मश्री जैसे सम्मान के हकदार थे। हालांकि, उनके मुताबिक सिंह पुरस्कारों की बजाय दर्शकों के प्यार को अधिक महत्व देते थे।
उन्होंने कहा कि सिंह के लिए दर्शकों का लगातार साथ मिलना ही सबसे बड़ी उपलब्धि थी। अभिनेता दयानंद शेट्टी और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी निर्माता को श्रद्धांजलि दी। बी.पी. सिंह की विरासत CID और उसके दर्शकों की यादों में लंबे समय तक जीवित रहेगी।

