HomeBreaking Newsअब अस्पताल नहीं छिपा सकेंगे इलाज का खर्च! ब्लड टेस्ट से X-Ray...

अब अस्पताल नहीं छिपा सकेंगे इलाज का खर्च! ब्लड टेस्ट से X-Ray तक शो करना होगा हर चार्ज, केंद्र सरकार का आदेश…

केंद्र सरकार ने अस्पतालों और क्लीनिकों में इलाज से जुड़ी दरों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने पर जोर दिया है। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर जरूरी निर्देश दिए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मरीजों को इलाज शुरू होने से पहले खर्च की जानकारी देना और अस्पतालों के बिल को लेकर होने वाली परेशानियों को कम करना है।

सरकार चाहती है कि अस्पतालों में जांच, इलाज और दूसरी चिकित्सा सेवाओं की कीमतें ऐसी जगह पर प्रदर्शित हों जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से उन्हें देख सकें। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस जांच या प्रक्रिया पर कितना खर्च आ सकता है।

सभी दरों की जानकारी देना जरूरी

निर्देशों के अनुसार, अस्पतालों और क्लीनिकों को अपनी चिकित्सा सेवाओं की दरें स्पष्ट रूप से बतानी चाहिए। इसमें ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और अन्य जांचों के साथ इलाज से जुड़ी सेवाओं की कीमतें शामिल हो सकती हैं। इससे मरीज इलाज कराने से पहले खर्च का अनुमान लगा सकेंगे और बिल में शामिल शुल्क को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

हालांकि, जांचों की कीमत पहले से पता होने के बावजूद मरीज का अंतिम बिल उसकी बीमारी, इलाज की जरूरत और अस्पताल में रहने की अवधि के आधार पर अलग हो सकता है।

विदेशी मरीजों के इलाज का खर्च भी बताना होगा

केंद्र सरकार ने मेडिकल और आयुष वीजा के जरिए भारत आने वाले विदेशी मरीजों के लिए भी इलाज की दरें स्पष्ट करने को कहा है। अस्पतालों को विदेशी मरीजों के लिए उपलब्ध उपचार पैकेज और उनकी कीमतों की जानकारी भी प्रदर्शित करनी होगी। इससे विदेश से आने वाले मरीजों को इलाज की योजना बनाने में आसानी होगी।

क्या अस्पतालों की दरें तय कर सकती है सरकार?

भारत में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट, 2010 के तहत अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण तथा नियमन का प्रावधान है। इसके तहत लागू नियमों के मुताबिक, चिकित्सा सेवाओं की दरें प्रदर्शित करना जरूरी है। हालांकि, यह कानून देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से लागू नहीं है।

स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों से इन निर्देशों के पालन की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करने को कहा है। इस कदम से इलाज के खर्च में पारदर्शिता बढ़ने और मरीजों को बिलिंग संबंधी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें : चीन के बाजार में ऐसे बढ़ेगा भारत का बिजनेस! सरकार ने कंपनियों से मांगी व्यापारिक…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments