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प्रयागराज एयरपोर्ट की बदलेगी तस्वीर! रनवे विस्तार के बाद उतरेंगे बोइंग-777 और एयरबस A-350 जैसे विशाल विमान

प्रयागराज(Prayagraj Airport) के बमरौली स्थित सिविल एयरपोर्ट को बड़े यात्री विमानों के संचालन के लिए तैयार करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। भारतीय वायुसेना की ओर से एयरपोर्ट के मौजूदा रनवे की लंबाई बढ़ाने की परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत रनवे को 600 मीटर तक लंबा किया जाएगा। इस विस्तार के पूरा होने के बाद इसकी कुल लंबाई 2700 मीटर से बढ़कर 3300 मीटर हो जाएगी। इससे एयरपोर्ट पर बड़े विमानों के उतरने और उड़ान भरने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रनवे की लंबाई बढ़ने से प्रयागराज एयरपोर्ट पर बड़े आकार के विमानों के संचालन में मदद मिलेगी। अभी यहां एयरबस A-320 और बोइंग-737 जैसे विमानों का संचालन होता है। विस्तार के बाद बोइंग-777, बोइंग-787 ड्रीमलाइनर और एयरबस A-350 जैसे वाइड-बॉडी विमानों के लिए भी सुविधाएं बेहतर हो सकती हैं। हालांकि, इन विमानों का संचालन रनवे के अलावा अन्य तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर भी निर्भर करेगा।

टेक-ऑफ और लैंडिंग में मिलेगी मदद

विशेषज्ञों के मुताबिक, रनवे की लंबाई विमान के सुरक्षित संचालन में अहम भूमिका निभाती है। गर्म मौसम में या कम वायुदाब की स्थिति में भारी विमान को उड़ान भरने के लिए अधिक दूरी की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में लंबा रनवे विमान को अधिक ईंधन और यात्रियों के भार के साथ उड़ान भरने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, लैंडिंग के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से रोकने और रनवे खाली करने में भी सुविधा मिल सकती है। इससे उड़ानों के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वर्ष 2031 के कुंभ मेले को ध्यान में रखकर तैयारी

प्रयागराज में वर्ष 2025 के महाकुंभ के दौरान हवाई यात्रा की मांग काफी बढ़ी थी। इसी अनुभव को देखते हुए वर्ष 2031 के कुंभ मेले से पहले एयरपोर्ट की सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। रनवे विस्तार से भविष्य में देश के प्रमुख शहरों के साथ हवाई संपर्क बेहतर होने की संभावना है।

साथ ही, जरूरत पड़ने पर भारी सैन्य और मालवाहक विमानों के संचालन में भी सुविधा मिल सकती है। परियोजना पूरी होने के बाद प्रयागराज एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने और बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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