HomeBreaking Newsबूढ़ी गंडकी में फ्लैश फ्लड से तबाही, 45 घर पूरी तरह बर्बाद,...

बूढ़ी गंडकी में फ्लैश फ्लड से तबाही, 45 घर पूरी तरह बर्बाद, अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने बचाई सैकड़ों जानें

Nepal Budhi Gandaki River Flash Flood: नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ की पहली लहर के बाद जारी चेतावनी और स्थानीय स्तर पर बढ़ाई गई सतर्कता की वजह से नदी किनारे रहने वाले लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। इसके बाद आई दो और भीषण बाढ़ की लहरों के दौरान बड़ी जनहानि होने से बच गई। घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में समय पर चेतावनी और निकासी व्यवस्था की अहमियत सामने ला दी है।

45 घर पूरी तरह तबाह

बाढ़ में 45 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 27 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 34 पशुशालाएं और सूअर पालने के 12 बाड़े भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। तीन वाहन बाढ़ के तेज बहाव में बह गए, जबकि कई दर्जन घरों में पानी घुसने से लोग प्रभावित हुए हैं।

चार बड़े पुल बहे

बाढ़ के तेज बहाव ने क्षेत्र के संपर्क मार्गों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान दो पक्के पुल, एक बेलीब्रिज और दो झूला पुल बह गए। पुलों के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित इलाकों का संपर्क बाधित हो गया है और राहत एवं बचाव अभियान में प्रशासन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

चार जलविद्युत परियोजनाओं पर असर

बाढ़ से चार हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें तीन परियोजनाओं को सीधा और एक को अप्रत्यक्ष नुकसान पहुंचा है। 341 मेगावाट की बूढ़ीगंडकी जलविद्युत परियोजना के मुख्य कैंप क्षेत्र में नुकसान हुआ और निर्माण उपकरण बह गए। 30.59 मेगावाट की यारू खोला परियोजना के बेलीब्रिज को नुकसान पहुंचा है।

दोभान खोला परियोजना भी प्रभावित

24.5 मेगावाट की दोभान खोला परियोजना के कैंप क्षेत्र में बने कुछ घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि उसका बेलीब्रिज भी बाढ़ में बह गया। इन नुकसान के कारण संबंधित परियोजनाओं के निर्माण कार्य और भविष्य में बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।

पांच लोग लापता, 82 सुरक्षित

बाढ़ के बाद पांच लोगों के लापता होने की सूचना है। वहीं नौ विदेशी नागरिकों समेत कुल 82 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल राहत सामग्री पहुंचाने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने में जुटे हैं।

चेतावनी प्रणाली बनी सबसे बड़ा सहारा

इस पूरी घटना में अर्ली वॉर्निंग सिस्टम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। पहली बाढ़ की लहर के बाद खतरे को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई और लोगों को घर खाली करने के लिए पर्याप्त समय मिला। इसी वजह से बाद में आई दो खतरनाक लहरों के दौरान बड़े पैमाने पर जनहानि को रोका जा सका।

आगे निगरानी और पुनर्वास की चुनौती

बूढ़ी गंडकी जैसी पहाड़ी नदियों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना रहता है। ऐसे में भविष्य के लिए निगरानी और चेतावनी व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी है। प्रभावित परिवारों के राहत और पुनर्वास के साथ पुलों के पुनर्निर्माण तथा जलविद्युत परियोजनाओं की मरम्मत पर भी ध्यान देना होगा। बाढ़ ने भले ही बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया हो, लेकिन समय पर चेतावनी से जनहानि को सीमित रखने में सफलता मिली है।

Read More:

वेस्टइंडीज को हराकर गदगद हुए श्रेयस अय्यर, इन खिलाडियों के कॉन्फिडेंस की जमकर की तारीफ, बोले – हम पूरी तरह तैयार…

Yogita Tyagi
Yogita Tyagihttps://mhone.in/
योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments