नेपाल में बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। नेपाली सेना ने अब तक 49 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सेना ने रविवार दोपहर जारी बयान में बताया कि 11 अक्टूबर को आई बाढ़ के बाद बचाव कार्य के लिए एमआई-17 समेत चार हेलिकॉप्टर और जमीनी रास्ते से सैन्यकर्मियों को तैनात किया गया है।
बाढ़ के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में घरों और अन्य संरचनाओं के बहने की खबरें सामने आई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना अन्य सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।
सात अलग-अलग क्षेत्रों से निकाले गए 49 लोग
नेपाली सेना के अनुसार, अब तक अलग-अलग स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बचाव अभियान के दौरान जगत से गोरखा तक छह लोगों और फिलिम से हुल्चुक तक चार लोगों को निकाला गया, जिनमें एक बच्चा शामिल है। इसी तरह यारु से हुल्चुक तक 15 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया। इनमें दो बच्चे और एक विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा हुल्चुक से फिलिम तक एक व्यक्ति, नामरुंग से फिलिम तक दो लोग, न्याकफेदी से न्याकडाँडा तक नौ लोग और पायु से सल्लेरी के नयांबस्ती क्षेत्र तक 12 लोगों को निकाला गया।
सेना ने बताया कि प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान अभी जारी है। इसके लिए हेलिकॉप्टरों के साथ जमीनी टीमों की भी मदद ली जा रही है, ताकि मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों तक पहुंचा जा सके।
नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतावनी
बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और रविवार देर रात तक विशेष सावधानी बरतने को कहा था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पहाड़ी क्षेत्र से गुजरती तेज बहाव वाली नदी के बीच बने घरों और शेड को बहते हुए देखा गया। हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बाढ़ से कितने छोटे गांव प्रभावित हुए हैं और कुल नुकसान कितना हुआ है। नदी में पानी के तेज बहाव के कारण प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
अगस्त की विनाशकारी बाढ़ के बाद फिर बढ़ी चिंता
बूढ़ीगंडकी नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिलती है और काठमांडू के आसपास के क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। इस नदी में आई ताजा बाढ़ ने नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नेपाल अभी अगस्त में नेपाल-चीन सीमा के पहाड़ी इलाके में आई विनाशकारी बाढ़ के प्रभावों से उबर रहा है। उस आपदा में 1,400 से अधिक लोगों की मौत होने और हजारों लोगों के लापता होने की खबर सामने आई थी। ऐसे में बूढ़ीगंडकी नदी में आई नई बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और नुकसान का आकलन करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
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