नेपाल के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के बाद आरुघाट क्षेत्र से गुजरने वाली बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर को पार कर गया है। नदी का बढ़ता जलने वाला पानी आसपास की बस्तियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है, जिसे देखकर स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई है।
ऐतिहासिक सेती पुल हुआ जमींदोज
उफान पर बह रही बूढ़ी गंडकी नदी ने अपनी विनाशलीला दिखाते हुए एक ऐतिहासिक सेती पुल को पूरी तरह बहा दिया है। सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो इस आपदा की भीषणता और भयावहता को साफ बयां कर रहे हैं।
प्रशासन ने जारी किया सख्त सुरक्षा अलर्ट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेशनल डिजास्टर रिस्क रेड्यूकेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने आरुघाट से त्रिशूली दोभान तक के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक पानी का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक कोई भी व्यक्ति नदी के आसपास न भटके और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शरण ले।
पिछले जख्मों की ताजा हुई यादें
यह चेतावनी अगस्त के अंत में आई उस विनाशकारी आपदा की याद दिलाती है, जिसमें लगभग 1400 लोगों की जान चली गई थी और 6000 से अधिक लोग लापता हो गए थे। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों को तहस-नहस करने वाली उस त्रासदी के बाद अब इस नई चेतावनी ने नेपाल सरकार और आम नागरिकों की चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।
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