लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और FRRO की संयुक्त टीम ने उज्बेकिस्तान की 45 वर्षीय नागरिक लोला क्यूमोवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला पिछले करीब एक साल से भारत में अवैध रूप से रह रही थी। उस पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हाई-प्रोफाइल देह व्यापार नेटवर्क संचालित करने का आरोप है।
भारतीय पहचान पत्र लगाने से खुला राज
लोला की गिरफ्तारी का मामला उस समय सामने आया जब 7 अगस्त को तुर्कमेनिस्तान की एक महिला इलाज के लिए लखनऊ के मिनर्वा क्लिनिक पहुंची। विदेशी नागरिक के इलाज की जानकारी FRRO को देना अनिवार्य होने के कारण क्लिनिक में दस्तावेजों की जांच की गई। इसी दौरान लोला ने रेफरेंस के तौर पर अपना भारतीय आधार कार्ड लगाया। क्लिनिक स्टाफ को दस्तावेज संदिग्ध लगे और इसकी सूचना FRRO को दी गई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए लोला को हिरासत में ले लिया।
भारतीय दस्तावेजों की भी जांच
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि लोला का पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले एक्सपायर हो चुका था। आरोप है कि भारत में रहने के लिए उसने जनक प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति से शादी का दावा किया और आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे भारतीय दस्तावेज हासिल किए। हालांकि, पुलिस को पति का अभी तक कोई पता नहीं चला है। लोला का दावा है कि वह व्यक्ति करीब दो महीने पहले उसे छोड़कर चला गया। पुलिस अब इन दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच करा रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें जारी कराने में किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
कई राज्यों में नेटवर्क फैलाने का आरोप
DCP साउथ मोहम्मद मुस्ताक के मुताबिक, लोला ताशकंद की रहने वाली है। पुलिस को उसके पास से कुछ डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी उसके कथित अवैध गतिविधियों और देह व्यापार नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। लखनऊ में उसके राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी में दो अलग-अलग पते भी सामने आए हैं। जांच एजेंसियां नेपाल और उज्बेकिस्तान से उसके संभावित संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
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