यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार को सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित जजान में सऊदी अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी के मुताबिक, उनके लड़ाकों ने रिफाइनरी पर ड्रोन से सटीक हमला किया। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई उत्तर-पश्चिमी यमन में सऊदी अरब की ओर से किए गए ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने की पुष्टि
हूतियों के हमले के दावे के बीच सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने जजान में अरामको रिफाइनरी से जुड़ी एक सुविधा में आग लगने की पुष्टि की है। मंत्रालय के मुताबिक, रविवार सुबह लगी आग को सऊदी अरामको की औद्योगिक सुरक्षा अग्निशमन टीमों ने समय रहते बुझा दिया। सऊदी अरब के अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने या मारे जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, मंत्रालय ने आग लगने के कारण का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है और न ही यह पुष्टि की है कि आग हूती ड्रोन हमले के कारण लगी।
यमन के मोखा में भी धमाकों से दहला इलाका
इसी बीच यमन के मोखा शहर में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बंदरगाह के आसपास लगातार छह जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। रिपोर्ट के अनुसार, यमन की एयर डिफेंस ने इन हमलों का जवाब देने की कोशिश की। मोखा लाल सागर के अहम तटीय इलाकों में शामिल है। ऐसे में यहां होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि का असर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक आवाजाही पर पड़ सकता है।
लाल सागर से खाड़ी तक बढ़ी टेंशन
हूतियों और सऊदी अरब के बीच यह घटना ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य पूर्व में पहले से तनाव बना हुआ है। लाल सागर में व्यापारिक जहाजों और क्षेत्र के ऊर्जा के क्षेत्रों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। 2022 में प्रभावी हुआ युद्धविराम अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।