दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दुखद घटना से जुड़े मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई करने वाला है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश के सामने इस मामले का ज़िक्र किया गया था। एक वकील ने घटना की गंभीरता और जान-माल के नुकसान को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश के सामने तत्काल सुनवाई की मांग की। मुख्य न्यायाधीश आज इस मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गए।
यह मामला दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास छात्रों के इलाके सत्य निकेतन में एक इमारत के गिरने से जुड़ा है। खबरों के मुताबिक, इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों की बचाव टीमें मलबे को हटाने और अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति की तलाश के लिए मौके पर काम कर रही हैं।
7 मौतों के बाद एक्शन में एजेंसियां
इस घटना ने ‘पेइंग गेस्ट’ (PG) के तौर पर इस्तेमाल हो रही इमारतों की सुरक्षा और राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण और अग्निशमन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बीच, एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
यह फैसला घटना स्थल का निरीक्षण और इमारत गिरने की शुरुआती जांच के बाद लिया गया। खबरों के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी इलाके में चार या उससे ज़्यादा मंज़िल वाली अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन में गिरी इमारत के मालिक हरिराम के खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ (LOC) जारी किया है, क्योंकि वह अभी तक नहीं मिल पाया है। पुलिस टीमें उसे खोजने और पकड़ने के लिए कई जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। जिस इमारत में PG चल रहा था, वह सोमवार दोपहर को गिर गई, जिससे कई छात्र अंदर फंस गए। अब तक कुल 11 छात्रों को बचाया जा चुका है।
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