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‘दिमागी नक्सली अराजकता फैलाने की फिराक में, इन्हें पहचानकर अलग-थलग करना होगा’, लाल किले से PM मोदी ने किसे दी चेतावनी?

PM Modi Independence Day Speech: देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय स्वाभिमान और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रध्वज फहराया। राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने समाज में हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली मानसिकता के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की है।

अराजकता फैलाने वालों से सावधान

PM मोदी ने कहा कि कुछ लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं। ऐसे तत्वों को समय रहते पहचानना जरूरी है। उन्होंने देशवासियों से समाज को बांटने और गलत राह पर धकेलने वाली मानसिकता के खिलाफ जागरूक रहने की अपील की है।

युवाओं को सही दिशा देने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से हिंसा और अराजकता के रास्ते से दूर रहने और विकास, एकता और रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाने की अपील की।

युवा ऊर्जा को विकास से जोड़ना जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद अहम है। उन्हें किसी भी तरह के बहकावे से बचाकर विकास की यात्रा का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करने वाली सोच के खिलाफ लगातार जागरूकता बनाए रखने की जरूरत बताई।

माओवादी विचारधारा की पैठ का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि लंबे समय तक माओवादी सोच रखने वाले लोग सत्ता के प्रभावशाली केंद्रों में अपनी पैठ बनाए रहे। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग सरकारी समितियों में सलाहकार की भूमिका निभाते हुए इस विचारधारा से जुड़े लोगों ने राष्ट्रीय नीतियों और फैसलों को भी प्रभावित किया।

जंगलों में सशस्त्र नक्सलवाद पर कार्रवाई

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार जंगलों में एक्टिव बंदूकधारी नक्सली नेटवर्क को खत्म करने और देश को इस गंभीर सुरक्षा संकट से बाहर निकालने में सफल रही है। अग्रिम मोर्चों पर हुई सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप हथियारबंद नक्सलियों की ताकत अब लगभग समाप्त हो चुकी है।

‘वैचारिक या दिमागी नक्सली’ अब भी चुनौती

सशस्त्र नक्सली गतिविधियों के कमजोर पड़ने के बावजूद प्रधानमंत्री ने चेताया कि ‘वैचारिक या दिमागी नक्सली’ अब भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले तत्व अवसर की तलाश में रहते हैं और समाज में असंतोष, अशांति, हिंसा का माहौल बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना सकते हैं।

पहचानकर अलग-थलग करने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि, समाज को भ्रमित करने वाले इन ‘वैचारिक नक्सलियों’ की समय रहते पहचान की जाए और उन्हें पूरी तरह अलग-थलग किया जाए। उनका जोर सामाजिक जागरूकता और ऐसी मानसिकता के प्रभाव को रोकने पर रहा।

देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए खास अभियान की शुरुआत

इस दौरान, पीएम मोदी ने देश को नशा-मुक्त बनाने के लिए 100 हफ़्ते के एक खास अभियान की शुरुआत करने का आह्वान किया। इस पहल में ‘माई भारत’ (My Bharat) के वॉलंटियर्स के साथ-साथ सामाजिक-सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगठन भी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने परिवारों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की। ​​इसके अलावा, आधुनिक दौर की बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बारे में चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम और डेटा सेंटर जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जा सकता है। इन खतरों का सामना करने के लिए देश को हर स्तर पर तैयार रहना होगा।

1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

युवाओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए एक रोडमैप बताते हुए उन्होंने घोषणा की कि अगले साल 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी और छात्रों के लिए एक ऑनलाइन कोचिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा। देश की आर्थिक प्रगति का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 12 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और मोबाइल फ़ोन का प्रोडक्शन 33 गुना बढ़ा है। विदेशी सामान पर निर्भरता कम करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने अगले सात सालों में 5 से 8 सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने और न्यूक्लियर एनर्जी में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने का लक्ष्य रखा।

‘इंटेलेक्चुअल नक्सल’ क्या मतलब है?

यह कोई आधिकारिक कानूनी कैटेगरी नहीं है, बल्कि, यह एक राजनीतिक शब्द है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है जिन पर नक्सली या माओवादी विचारों का वैचारिक रूप से समर्थन करने का आरोप होता है। लाल किले पर अपने भाषण में, पीएम मोदी ने इस शब्द का इस्तेमाल करते हुए ऐसे लोगों की पहचान करने और उन्हें अलग-थलग करने का आह्वान किया।

विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का संदेश

पीएम मोदी ने कहा कि देश की युवा शक्ति को ऐसे बहकावों से बचाकर ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प और मुख्यधारा के विकास प्रयासों से जोड़ना होगा। उनके संबोधन में हिंसा और अराजकता से दूर रहकर एकता, विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का स्पष्ट संदेश दिया गया।\

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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