पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार एक अलग तरह की कांवड़ लोगों का ध्यान खींच रही है। 16 शिवभक्तों का एक समूह बुलडोजर के आकार में तैयार की गई कांवड़(Bulldozer Kanwar) लेकर पहुंचा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए इन श्रद्धालुओं की इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुट रही है। शिवभक्तों के मुताबिक, यह उनकी चौथी ‘बुलडोजर कांवड़’ है। उन्होंने इसे अपनी धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक विशेष प्रतीक के तौर पर तैयार कराया है।
कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि बुलडोजर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहचान से जुड़ गया है। वे योगी आदित्यनाथ के कामकाज से प्रभावित हैं और इसी वजह से उन्होंने कांवड़ का स्वरूप बुलडोजर जैसा रखा है। उनके लिए यह सिर्फ एक मशीन का मॉडल नहीं बल्कि मुख्यमंत्री से जुड़ा एक प्रतीक है। इसी सोच के साथ उन्होंने इस बार भी कांवड़ को खास अंदाज में तैयार कराया।
61 लीटर गंगाजल लेकर निकले
शिवभक्त सुनील कुमार ने बताया कि वह हरिद्वार से 61 लीटर गंगाजल लेकर आए हैं। इस गंगाजल को मेरठ के प्रसिद्ध औघड़नाथ मंदिर में चढ़ाने की तैयारी है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह तीन बार बुलडोजर के आकार की कांवड़ लेकर यात्रा कर चुके हैं। इस बार भी पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ तैयार कराई गई है।
श्रद्धालुओं ने बताई अपनी मनोकामना
श्रद्धालुओं ने अपनी एक राजनीतिक मनोकामना भी बताई। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद वे योगी आदित्यनाथ को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
सुनील कुमार के मुताबिक, यदि उनकी यह इच्छा पूरी होती है तो अगली कांवड़ यात्रा में वे और बड़ा स्वरूप लेकर आएंगे। उन्होंने 202 लीटर गंगाजल के साथ बड़ी बुलडोजर कांवड़ लाने की बात कही है।
राहगीरों में बना चर्चा का विषय
मुजफ्फरनगर में पहुंची यह कांवड़ कांवड़ मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे देखने के लिए रुक रहे हैं और इसकी तस्वीरें व वीडियो बना रहे हैं।
हर साल कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु अलग-अलग डिजाइन और संदेशों वाली कांवड़ लेकर आते हैं। इस बार 16 शिवभक्तों की यह ‘बुलडोजर कांवड़’ उसी परंपरा में एक अलग और चर्चित रूप के तौर पर सामने आई है।