बिहार(Bihar) के खगड़िया जिले में एक व्यक्ति को लेकर पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है। आरोप है कि मनीष गुप्ता नाम का यह शख्स कभी खुद को IAS अधिकारी बताता था तो कभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ होने का दावा करता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के साथ उसके घर पर भी छापेमारी की है। कार्रवाई गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार स्थित मनीष गुप्ता के घर पर हुई। DIU और गोगरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घर के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली।
इस दौरान दो महंगी चार पहिया गाड़ियां, कई ATM कार्ड और लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त वाहनों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। खास बात यह बताई गई है कि दोनों वाहनों पर ‘Government of India’ लिखा हुआ था। हालांकि, इन वाहनों के इस्तेमाल और उनके स्वामित्व से जुड़े तथ्यों की जांच अभी जारी है।
आठ दिनों से पुलिस की थी नजर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मनीष के बारे में शिकायत मिलने के बाद टीम पिछले करीब आठ दिनों से उस पर नजर रख रही थी। इसके बाद उसके घर पर छापेमारी की गई। पूछताछ के दौरान भी उसके द्वारा खुद को अजित डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताए जाने की बात का दावा किया गया है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
खगड़िया के एसपी भानू प्रताप सिंह ने फिलहाल मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। उनका कहना है कि जमालपुर स्थित घर में छापेमारी की गई है और मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक जानकारी और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए स्थिति स्पष्ट करेगी।