Amit Shah Goa Speech: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा के डोना पॉला में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने 2029 तक भारत को पूरी तरह ‘ड्रग-फ्री’ बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार से मिलने वाला पैसा आतंकवाद को बढ़ावा देता है, इसलिए इस नेटवर्क को खत्म करना बेहद जरूरी है।
2014 में देश के सामने थीं तीन बड़ी चुनौतियां
अमित शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के समय देश के सामने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में हिंसक उग्रवाद और बड़े हिस्से में फैला नक्सलवाद तीन प्रमुख चुनौतियां थीं। इसके अलावा देशभर में लगातार हो रहे बम धमाके और महिलाओं की सुरक्षा भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती थे।
#WATCH | Dona Paula, Goa: Union Home Minister Amit Shah says, "This campaign regarding demand and harm reduction will reach 50 crore citizens. Just recently, the Prime Minister interacted with 1 crore youths in a single event. We are going to train 1 lakh 'Nashamukti Mitras'… https://t.co/CAGlNEAToa pic.twitter.com/X8Snh7qixg
— ANI (@ANI) September 6, 2026
370 हटने के बाद कश्मीर में बदलाव का दावा
गृह मंत्री ने कहा कि 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अलगाववाद की भावना में भारी कमी आई है और आतंकवाद के आंकड़े लगभग शून्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक मानसिक दूरियां कम हुई हैं और घाटी अब विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।
नक्सलवाद को लेकर भी बड़ा दावा
अमित शाह ने कहा कि दशकों पुराना नक्सलवाद अब बीते दिनों की बात बन चुका है। ‘रेड कॉरिडोर’ का सपना देखने वालों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है। वहीं, पूर्वोत्तर में करीब 10,000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया है और 14 से ज्यादा शांति समझौतों के जरिए क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हुई है।
#WATCH | Dona Paula, Goa: Union Home Minister Amit Shah says, "…We have created a roadmap to achieve the major milestone of making India drug-free by 2029. We all know that the narcotics trade is a crime that destroys our future generations; furthermore, the 'dirty money'… pic.twitter.com/AOvQ9x5ZiF
— ANI (@ANI) September 6, 2026
ड्रग्स जब्ती में कई गुना बढ़ोतरी
शाह ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2004-14 के दौरान देश में 26 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी। 2014-26 के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 1.19 करोड़ किलोग्राम हो गया। जब्त किए गए नशीले पदार्थों की कीमत भी 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये हो गई।
274 भगोड़ों को 36 देशों से भारत लाया गया
आर्थिक अपराध कर विदेशों में छिपने वाले भगोड़ों पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों का प्रत्यर्पण कराया गया और उन्हें भारतीय अदालतों के सामने लाया गया। उन्होंने कहा कि इसके लिए ‘भारत-पोल’ नाम का विशेष सिस्टम तैयार किया गया है।
17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति सील
‘भारत-पोल’ से देश की 14 से ज्यादा केंद्रीय एजेंसियां और सभी राज्यों की पुलिस आपस में जुड़ी हैं। इस सिस्टम के जरिए भगोड़ों की लगभग 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति सील की जा चुकी है।
#WATCH | Dona Paula, Goa: Union Home Minister Amit Shah says, PM Narendra Modi's goal is to build a 'Viksit Bharat' (Developed India) by 2047, powered by a drug-free youth force. To make this mission a success, the Ministry of Home Affairs (Government of India) and all state… https://t.co/WdHwf5DYlT pic.twitter.com/0YqocuX0f3
— ANI (@ANI) September 6, 2026
1930 हेल्पलाइन को बताया सुरक्षा कवच
साइबर अपराध के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन ‘1930’ आम लोगों के लिए सुरक्षा कवच बन चुकी है। उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों के सकारात्मक परिणाम मिलने का भी दावा किया।
गोवा पुलिस की कन्विक्शन रेट बढ़ी
अमित शाह ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के बाद गोवा पुलिस की कन्विक्शन रेट (दोषसिद्धि दर) 22% से बढ़कर 53.2% हो गई है। उन्होंने इसे नए नियमों के सकारात्मक प्रभाव का उदाहरण बताया।
NCORD और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स मिलकर करेगी काम
ड्रग्स के खिलाफ अभियान के लिए ‘एनसीओआरडी’ (NCORD) और राज्यों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को साथ लेकर समन्वित रणनीति पर काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य नशामुक्त और सुरक्षित भारत का सपना साकार करना है।
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