घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह का बल्ला इन दिनों जमकर गरज रहा है। अपनी शानदार पारियों के दम पर वह लगातार चयनकर्ताओं के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार के खिलाफ 112 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी और इसके बाद गोवा के खिलाफ मुकाबले में भी नाबाद 118 रन बनाए। गोवा के खिलाफ जब उत्तर प्रदेश की टीम महज 33 रन पर 3 विकेट गंवाकर संकट में थी, तब रिंकू ने संकटमोचक बनकर टीम को 200 रन के पार पहुंचाया था।
फैंस में गुस्सा और न्यूजीलैंड दौरे पर अनदेखी
शानदार फॉर्म के बावजूद रिंकू सिंह को भारतीय टीम से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों का गुस्सा फूट पड़ा है। जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के बाद से ही वह नेशनल टीम से बाहर चल रहे हैं और उन्हें आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी नहीं चुना गया है। फैंस सोशल मीडिया पर बीसीसीआई और चयनकर्ताओं से लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इस बल्लेबाज को मौका क्यों नहीं मिल रहा है।
शानदार आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय करियर
रिंकू सिंह के आंकड़े उनके खेल की गवाही देते हैं। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 54 मैचों की 77 पारियों में 59.52 की बेहतरीन औसत से 3869 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा लिस्ट ए के 70 मैचों में उन्होंने 52.56 की औसत से 2418 रन बनाए हैं। भारत के लिए 48 टी20 मैचों में उन्होंने 156.34 के स्ट्राइक रेट से 702 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 69 रन रहा है। भारत के लिए उन्होंने अपना आखिरी टी20 मैच हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था।
ऑलराउंडर्स की मांग बनी मुख्य वजह
रिंकू सिंह को टीम में मौका न मिलने के पीछे मुख्य वजह टी20 फॉर्मेट में ऑलराउंडर्स की बढ़ती मांग को माना जा रहा है। नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों के पास बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी हुनर दिखाने का विकल्प रहता है, जिसके चलते चयनकर्ता संतुलन बनाने के लिए उनकी ओर रुख कर रहे हैं और रिंकू को फिलहाल बाहर बैठना पड़ रहा है।
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