उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विजयादशमी से पहले लगाए गए विवादित होर्डिंग और पोस्टर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं। शहर के कई चौराहों पर लगाए गए इन पोस्टरों में विपक्षी नेताओं और अन्य चर्चित हस्तियों को ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’ के रूप में दर्शाया गया है। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। इनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहे हैं। ये पोस्टर सनातन रक्षा संगठन की ओर से लगाए गए हैं। संगठन का आरोप है कि इनमें दिखाई गई हस्तियां किसी न किसी रूप में भारत विरोधी गतिविधियों या बयानों से जुड़ी रही हैं। हालांकि, पोस्टर में लगाए गए आरोप संगठन के दावे हैं।
रावण के दस सिरों पर दिखाए गए कई चर्चित चेहरे
पोस्टरों में माफिया अतीक अहमद को मुख्य रावण के रूप में दिखाया गया है। उसके साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस, जॉर्ज सोरोस, वकील प्रशांत भूषण और माफिया मुख्तार अंसारी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। पोस्टर पर ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ और ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’ जैसे संदेश लिखे गए हैं। संगठन ने इन चेहरों को दशहरे पर प्रतीकात्मक रूप से रावण के दस सिरों से जोड़ने की कोशिश की है। पोस्टर में शामिल लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण इन जानकारियों में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का लगाया आरोप
सनातन रक्षा संगठन का दावा है कि पोस्टर में शामिल लोग अलग-अलग तरीकों से भारत के हितों के खिलाफ काम करते हैं। संगठन ने एलन मस्क की तस्वीर को स्टारलिंक से जुड़े हालिया बयानों के संदर्भ में शामिल किए जाने की बात कही है। इसी तरह, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर और बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस को लेकर भी संगठन ने आपत्तियां जताई हैं। जॉर्ज सोरोस पर भारत के लोकतंत्र में दखल देने के आरोपों का हवाला दिया गया है। अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी को भी पोस्टर में जगह दी गई है। इन दावों को संगठन का राजनीतिक और वैचारिक नजरिया माना जाना चाहिए। पोस्टर में किसी व्यक्ति की तस्वीर लगाए जाने से उसके खिलाफ लगाए गए आरोप अपने आप साबित नहीं हो जाते।
दशहरे से पहले राजधानी में बढ़ी राजनीतिक चर्चा
विजयादशमी से पहले लगाए गए इन पोस्टरों ने लखनऊ में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। सोशल मीडिया पर इनके प्रसार के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पोस्टरों में विपक्षी नेताओं के साथ विदेशी हस्तियों और अन्य चर्चित लोगों को शामिल किए जाने से मामला और चर्चा में आ गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में पोस्टरों को लेकर किसी आधिकारिक कार्रवाई या संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया का विवरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन ने इन होर्डिंग की अनुमति और उनकी सामग्री की जांच की है या नहीं।
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