उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान में हुए शुद्धीकरण को लेकर विवाद दोबारा चर्चा में है। अब यह मामला उत्तराखंड उच्च न्यायालय पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक 7 सितंबर को सुनवाई हो सकती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि शुद्धीकरण करने वालों में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। कार्यक्रम के आयोजकों ने इसे धार्मिक स्थल की पवित्रता बहाल करने की प्रक्रिया बताया है।
कार्यक्रम के बाद हवन और शुद्धीकरण
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कार्यक्रम किया था। इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने वहां हवन और शुद्धीकरण कार्यक्रम किया। श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक गिरीश चंद्र पांडे ने कहा कि मैदान में पीछे छोड़ी गई गंदगी को साफ करने के बाद जगह को यज्ञ के लिए तैयार किया गया। इसके बाद इलाके की औपचारिक शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि यह धार्मिक स्थल है, जहां रामलीला होती है। उनके मुताबिक वहां गंदगी फैलने और धार्मिक नारे लगाए जाने के विरोध में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शुद्धीकरण किया था।
राहुल गांधी ने उठाया मामला
राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि खड़गे के कारण उनके कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया। राहुल गांधी ने दावा किया कि घटना के करीब 20 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने शुद्धीकरण करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि यह मामला संविधान और सामाजिक समानता से जुड़ा है।
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