CWG 2026: ग्लासगो के स्कॉटस्टौन स्टेडियम में सोमवार भारतीय खिलाड़ियों के लिए यादगार दिन साबित हुआ। महिलाओं की शॉट पुट F57 (सीटेड थ्रो) मुकाबले में भारत की स्टार पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश कुशारे ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली में एक और सफलता जोड़ दी। भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से पूरे देश में उत्साह का माहौल है।
शर्मिला धनखड़ ने सीजन बेस्ट थ्रो के साथ जीता गोल्ड
शर्मिला धनखड़ मुकाबले की शुरुआत से ही शानदार लय में नजर आईं। उन्होंने पहले प्रयास में 9.48 मीटर का थ्रो फेंककर बढ़त बना ली। इसके बाद अगले राउंड में 9.81 मीटर का थ्रो लगाकर सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनका यह प्रयास पूरे मुकाबले में सबसे बेहतर रहा और कोई भी प्रतियोगी इस दूरी को पार नहीं कर सका।
दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर रचा इतिहास
महिलाओं की शॉट पुट F57 (सीटेड थ्रो) स्पर्धा में कनाडा, इंग्लैंड, वेल्स, घाना और ऑस्ट्रेलिया की एथलीटों ने भी हिस्सा लिया, लेकिन शर्मिला धनखड़ के 9.81 मीटर के थ्रो के सामने सभी पीछे रह गईं। इसी मुकाबले में भारत की शिल्पा के शीला ने भी चुनौती पेश की, लेकिन अंत में शर्मिला का प्रदर्शन सबसे बेहतर साबित हुआ और उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने दिलाया सिल्वर
पुरुषों के हाई जंप मुकाबले में सर्वेश कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। सर्वेश और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड दोनों ही 2.28 मीटर की ऊंचाई पार करने के अपने तीनों प्रयासों में असफल रहे। इसके बाद ‘काउंटबैक’ के नियम के आधार पर जमैका के खिलाड़ी को स्वर्ण पदक मिला, जबकि सर्वेश को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
आदर्श राम पांचवें स्थान पर, तेजस्विन शंकर बाहर हुए
हाई जंप प्रतियोगिता में भारत के जे आदर्श राम पांचवें स्थान पर रहे। वहीं पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे तेजस्विन शंकर के लिए मुकाबला निराशाजनक रहा। वह अपने पहले प्रयास के बाद स्वास्थ्य खराब होने के कारण प्रतियोगिता पूरी नहीं कर सके और मुकाबले से बाहर हो गए।
भारत के लिए शानदार
ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा एथलेटिक्स और हाई जंप दोनों स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया। शर्मिला धनखड़ के गोल्ड और सर्वेश कुशारे के सिल्वर मेडल ने भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया है।
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