भारत सरकार ने पॉलीमर बैंकनोट लाने की दिशा में पहला कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के उस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत फ़ील्ड ट्रायल के लिए 10 रुपये और 20 रुपये के एक-एक अरब पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में सवालों के लिखित जवाब में इस मंज़ूरी की पुष्टि की।
पॉलीमर नोटों को परखने के लिए ट्रायल का प्रस्ताव
RBI ने भारतीय हालात में पॉलीमर नोटों के कामकाज को परखने के लिए उन्हें ट्रायल के तौर पर लाने का प्रस्ताव दिया है। सरकार के जवाब के मुताबिक, बड़े पैमाने पर इन्हें तभी लागू करने पर विचार किया जाएगा, जब फ़ील्ड ट्रायल सफल रहेंगे।
केंद्रीय बैंक का तर्क है कि पॉलीमर बैंकनोट आम कागज़ी नोटों की तुलना में ज़्यादा टिकाऊ होते हैं। अंतरराष्ट्रीय अनुभव का हवाला देते हुए RBI ने कहा कि पॉलीमर नोटों की उम्र ज़्यादा होती है, जिससे वे ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के लिए उपयुक्त होते हैं जहाँ कैश का चलन ज़्यादा है।
हालाँकि, सरकार ने साफ़ किया है कि इस कदम का मतलब कागज़ी नोटों का अंत नहीं है। पॉलीमर बैंकनोट मौजूदा कागज़ी नोटों के साथ-साथ चलन में लाए जाने का प्रस्ताव है, और कागज़ी नोटों को हटाकर उनकी जगह पॉलीमर नोट लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
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