PM Modi Red Fort Speech: भारत आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत को विकास की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ताकत जिस तेजी से देश को आगे बढ़ा रही है, उसे रोकना नामुमकिन है।
डिफेंस प्रोडक्शन में बड़ा उछाल
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश की उत्पादन क्षमता में आए बदलाव के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने बताया कि डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा है, जबकि खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में 7 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना और मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है।
डिजिटल और इनोवेशन पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल और इनोवेशन के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने तकनीक आधारित विकास को आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी बताते हुए देश में नई क्षमताएं विकसित करने पर जोर दिया।
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर बनने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर चिप्स की बढ़ती जरूरत को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल और टेक्नोलॉजी के दौर में सेमीकंडक्टर बेहद जरूरी हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर मेडिकल उपकरण और ट्रांसपोर्ट सिस्टम तक, इनके इस्तेमाल के बिना आधुनिक व्यवस्था के कई जरूरी काम संभव नहीं हैं।
तीन प्लांट में शुरू हुआ उत्पादन
पीएम मोदी ने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में तीन बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट लगाए जा चुके हैं और इनमें एक्सपोर्ट के लिए उत्पादन भी शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले 7-8 सालों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट पर भी काम शुरू होगा।
मेक इन इंडिया और स्वदेशी पर भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हर भारतीय ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों से जुड़ रहा है। उन्होंने देशवासियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए सोच का दायरा बढ़ाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि जब संकल्प दृढ़ होता है तो कठिनाइयों और आपदाओं के बीच से रास्ता निकालने का सामर्थ्य अपने आप आता है। उन्होंने कहा कि देश के संकल्प और सपने दोनों ऊंचे होने चाहिए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। पीएम मोदी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
ग्लोबलाइजेशन और संसाधनों के वेपनाइजेशन पर चिंता
आत्मनिर्भरता की जरूरत समझाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले सालों में दुनिया ने ग्लोबलाइजेशन शब्द का इस्तेमाल करना भी लगभग बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां से पहले ग्लोबलाइजेशन की आवाजें आती थीं, अब वहां से वे आवाजें सुनाई नहीं देतीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के इस दौर में कुछ लोगों ने अपना रुतबा दिखाने के लिए संसाधनों को वेपनाइज्ड करने का खेल खेला है।
पेट्रोल से भूभाग तक का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया अपने पास मौजूद अलग-अलग संसाधनों को वेपनाइज्ड करने में लगी है। इसमें पेट्रोल, डीजल, खाद और दवाइयों के साथ-साथ भूभाग को भी वेपनाइज्ड किए जाने की स्थिति का उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अगर भारत पिछले 10 वर्षों में आत्मनिर्भरता के मंत्र के साथ सही दिशा में आगे नहीं बढ़ा होता तो इन चुनौतियों का मजबूती से सामना करना मुश्किल होता।
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई। पीएम मोदी ने तकनीकी कौशल और शिक्षा को युवाओं की क्षमता बढ़ाने तथा भारत को भविष्य के लिए तैयार करने का अहम माध्यम बताया।
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