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कल सावन का दूसरा सोमवार, जानें चारों सोमवार का महत्व एक समान या है अलग? किस दिन कराएं कौन सी पूजा

Every Sawan Somwar: सावन माह का दूसरा सोमवार कल यानिकि 10 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल श्रावण मास में कुल 4 सावन सोमवार व्रत हैं। भगवान शिव के भक्तों के लिए ये सोमवार बेहद खास माने जाते हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से महादेव की पूजा, पाठ, मंत्र जाप और दान करते हैं। शिवलिंग का जलाभिषेक भी किया जाता है, जबकि विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक कराया जाता है।

सावन और सोमवार का भगवान शिव से संबंध

सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय माना जाता है। वहीं सोमवार चंद्रमा का दिन है और चंद्रमा का एक नाम सोम भी है। धार्मिक कथा के अनुसार, चंद्र देव को जब क्षय रोग हुआ तो उन्होंने महादेव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की। शिव की कृपा से उनके कष्ट दूर हुए और भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने सिर पर धारण कर लिया। इसी कारण वे चंद्रशेखर कहलाए और सोमवार को शिव पूजा का विशेष महत्व माना गया।

माता पार्वती ने भी रखा था व्रत

एक अन्य धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने 16 सावन सोमवार के व्रत किए थे। इसी वजह से सावन सोमवार को भगवान शिव की आराधना, व्रत और मनोकामना पूर्ति से जोड़कर देखा जाता है।

क्या हर सावन सोमवार का महत्व अलग है?

सावन महीने में कम से कम 4 सोमवार आते हैं और सभी सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा की जाती है। सामान्य तौर पर सभी सावन सोमवार की पूजा विधि एक जैसी होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हर सावन सोमवार का महत्व भी समान है। इसका मुख्य उद्देश्य भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना और मनोकामनाओं की पूर्ति करना है।

शुभ संयोग से बढ़ सकता है विशेष महत्व

हालांकि, किसी सोमवार को पड़ने वाली तिथि और उस दिन बनने वाले योग की वजह से उसका धार्मिक महत्व लोगों को अधिक विशेष लग सकता है। इस बार दूसरे सावन सोमवार यानी 10 अगस्त को 7 शुभ संयोग बन रहे हैं। इसी दिन सोम प्रदोष व्रत भी है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि जिस सावन सोमवार को ऐसे संयोग न बनें, उसका महत्व कम हो जाता है। सावन सोमवार का व्रत अपने आप में मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मनोकामना के लिए करा सकते हैं रुद्राभिषेक

सावन सोमवार को व्रत और सामान्य शिव पूजा के साथ रुद्राभिषेक भी कराया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राभिषेक कराने से सुख, समृद्धि, धन, संपत्ति, आयु और आरोग्य में वृद्धि होती है। असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की कामना से भी रुद्राभिषेक कराया जाता है।

कालसर्प दोष के लिए भी पूजा

सावन सोमवार को कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए भी विशेष पूजा कराई जा सकती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना और धार्मिक मान्यता के अनुसार शिव पूजा, जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करा सकते हैं। इस तरह सावन का हर सोमवार भगवान शिव की भक्ति और आस्था के लिए अहम है, भले ही किसी विशेष सोमवार को अतिरिक्त शुभ संयोग बनें या नहीं।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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