महाराष्ट्र के नागपुर स्थित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल के एक प्रोफेसर को छात्राओं को अनुचित संदेश भेजने और उन्हें इस्लाम का पालन करने और कुरान पढ़ने के लिए प्रेरित करने के आरोपों के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समिति नागपुर से जुड़े आरोपों के साथ हैदराबाद स्थित संस्थान में प्रोफेसर के पूर्व कार्यकाल के दौरान उनके आचरण को लेकर सामने आए आरोपों की भी पड़ताल करेगी। पुलिस के मुताबिक, रविवार तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
शिकायत के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सदस्यों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एक छात्रा के पिता ने अपनी बेटी के कथित संदेश दिखाने के बाद संगठन से संपर्क किया था। इसके बाद वीएचपी के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन के सामने मामला उठाया और नागपुर के पुलिस आयुक्त से भी मुलाकात की।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति बनाई है। समिति आरोपों की पड़ताल करेगी और अपनी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश करेगी। अधिकारी के मुताबिक, संबंधित प्रोफेसर फिलहाल छुट्टी पर हैं और जांच पूरी होने तथा निष्कर्ष सामने आने तक परिसर में नहीं आएंगे।
प्रशासन और शिकायतकर्ताओं के बीच कराई बैठक
पुलिस उपायुक्त (जोन-5) नित्यानंद झा के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे विभिन्न संगठनों के 15 से 17 सदस्य विश्वविद्यालय परिसर में जमा हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और संस्थान के प्रशासन के बीच बातचीत कराई। इसके बाद प्रोफेसर को जांच लंबित रहने तक छुट्टी पर भेजने का फैसला हुआ।
शाम करीब 6:45 बजे शिकायतकर्ता, उनके पिता और 15 से 20 अन्य लोग परिसर पहुंचे। उस समय जांच समिति लगभग 100 से 120 विद्यार्थियों के साथ खुली चर्चा कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने प्रशासन और शिकायतकर्ता पक्ष के छह-सात प्रतिनिधियों के बीच बैठक कराई।
हैदराबाद से जुड़े आरोपों की भी होगी जांच
बैठक के दौरान समिति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सभी आरोपों की जांच की जाएगी और निर्धारित समय के भीतर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने विद्यार्थियों को घटनाक्रम की जानकारी दी। डीसीपी नित्यानंद झा ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या सामने नहीं आई। विश्वविद्यालय की समिति अब नागपुर के आरोपों के साथ हैदराबाद में प्रोफेसर के पूर्व कार्यस्थल से संबंधित शिकायतों की भी जांच करेगी। फिलहाल, प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। रविवार तक पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं होने की जानकारी सामने आई थी। जांच पूरी होने और निष्कर्ष आने के बाद ही आरोपों की स्थिति तथा आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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