Boris Johnson Lashes Out US: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका की ओर से रूसी ईंधन पर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के फैसले की ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आलोचना की है। जॉनसन ने कहा कि रूस के ईंधन पर प्रतिबंधों में ढील देना बेहद दुखद है और इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध जारी रखने में मदद मिल सकती है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने रूसी डीजल को अमेरिकी और वैश्विक बाजार में लाने के लिए अस्थायी तौर पर प्रतिबंधों में ढील दी है।
ईंधन कीमतों को लेकर यूक्रेन पर सवाल
बोरिस जॉनसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार रखते हुए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में उछाल की शुरुआत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद हुई। ऐसे में इसके लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराना गलत है। जॉनसन ने यह भी कहा कि अमेरिकी फैसले से ईंधन की कीमतों में शायद ही कोई बड़ा बदलाव आएगा।
‘अमेरिकी वाहन चालक क्यों उठाएं पुतिन के युद्ध का खर्च’
जॉनसन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुतिन हर दिन यूक्रेन के निर्दोष नागरिकों की जान ले रहे हैं, जबकि यूक्रेन के लोग अपनी जिंदगी और देश की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। उनके मुताबिक ऐसे समय में रूसी ईंधन पर प्रतिबंधों में ढील देना सवाल खड़े करता है।
व्हाइट हाउस के फैसले पर सीधा हमला
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि व्हाइट हाउस का यह कदम अमेरिकी वाहन चालकों से अप्रत्यक्ष रूप से पुतिन के युद्ध का खर्च उठवाने जैसा है। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि इस फैसले से ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट आने की संभावना नहीं है। हालिया अमेरिकी-रूसी ईंधन समझौते के तहत रूस से 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल की तत्काल आपूर्ति की बात सामने आई है।
‘पहले युद्ध खत्म हो, फिर लौटे रूसी तेल-गैस’
बोरिस जॉनसन ने कहा कि अगर रूसी तेल और गैस को दोबारा दुनिया के बाजार में लाना है तो पहले रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने यूक्रेन की स्वतंत्रता और संप्रभुता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि, यूक्रेन एक स्वतंत्र देश बना रहना चाहिए।
जॉनसन का पुराना यूक्रेन समर्थक रुख
बोरिस जॉनसन 2019 से 2022 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे हैं। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद वह लगातार यूक्रेन के समर्थन में बयान देते रहे हैं। इस बार भी उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान प्रतिबंधों में ढील देने के बजाय युद्ध को समाप्त करने में है। उन्होंने यूक्रेन की स्वतंत्रता और उसके लोगों की सुरक्षा पर जोर दिया। ब्रिटेन की मौजूदा सरकार ने भी कहा है कि वह यूक्रेन के लिए सैन्य और वित्तीय समर्थन जारी रखेगी तथा रूस पर दबाव बनाए रखेगी।
कीव की चिंता भी बढ़ी
अमेरिका के इस कदम की यूक्रेन की ओर से भी आलोचना हुई है। अमेरिकी फैसले को लेकर कीव की चिंता यह है कि रूसी ईंधन की बिक्री से मॉस्को को आर्थिक लाभ मिल सकता है। वहीं अमेरिका का तर्क ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आपूर्ति को स्थिर करने से जुड़ा है।
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