IndiGo Fees Hike: इंडिगो से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। एयरलाइन ने कई सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी की है। इनमें गोद में यात्रा करने वाले शिशु, बिना किसी वयस्क के सफर करने वाले बच्चे, अतिरिक्त सामान, प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग के साथ ट्रैवल सर्टिफिकेट जैसी सेवाएं शामिल हैं। यानी इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना होगा।
शिशु के टिकट पर अब 3000 रुपये शुल्क
इंडिगो ने शिशु यात्रा शुल्क में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की है। पहले जहां इसके लिए 2,000 रुपये देने होते थे, वहीं अब शुल्क बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। यह फीस उन शिशुओं पर लागू होती है, जिनकी उम्र यात्रा के दिन तीन दिन से ज्यादा और दो साल से कम होती है।
बच्चे को अलग सीट नहीं मिलेगी
एयरलाइन के नियमों के मुताबिक शिशु को अलग सीट नहीं दी जाती और उसे वयस्क यात्री की गोद में ही यात्रा करनी होती है। चेक-इन के दौरान बच्चे की उम्र साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट जैसे वैध दस्तावेज दिखाना जरूरी होगा। अगर यात्री आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करता है, तो एयरलाइन के मुताबिक बच्चे के लिए पूरा किराया देना पड़ सकता है।
अकेले सफर करने वाले बच्चों की फीस भी बढ़ी
बिना किसी वयस्क के यात्रा करने वाले बच्चों यानी *अकम्पनएड माइनर* के लिए भी इंडिगो ने शुल्क बढ़ा दिया है। यह फीस अब 5,000 रुपये से बढ़कर 5,999 रुपये हो गई है। एयरलाइन की वेबसाइट के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों को इस सेवा के तहत अकेले यात्रा करने की अनुमति नहीं है। उन्हें 18 साल से अधिक उम्र के किसी व्यक्ति के साथ सफर करना होगा।
5 से 12 साल के बच्चों के लिए खास नियम
5 से 12 वर्ष की उम्र के बच्चे सभी उड़ानों पर अकम्पनएड माइनर सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं 13 से 18 साल के बच्चे अकेले यात्रा कर सकते हैं या चाहें तो इस सेवा का विकल्प चुन सकते हैं। घरेलू उड़ानों के यात्रियों को कम से कम दो घंटे पहले और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को चार घंटे पहले एयरपोर्ट पर रिपोर्ट करना होगा।
अभिभावक को जमा करना होगा फॉर्म
अकेले यात्रा करने वाले बच्चे के माता-पिता या अभिभावक को चेक-इन के समय एक फॉर्म भी जमा करना होगा। इसमें उस वयस्क व्यक्ति की जानकारी देनी होगी, जो गंतव्य पर बच्चे को लेने के लिए आएगा। इस प्रक्रिया के जरिए एयरलाइन बच्चे की यात्रा और गंतव्य पर उसे रिसीव करने वाले व्यक्ति की जानकारी दर्ज करती है।
अतिरिक्त सामान पर भी बढ़ा चार्ज
घरेलू उड़ानों में तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने वाले यात्रियों पर भी अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अनुमानित बैगेज सीमा से अधिक सामान के लिए शुल्क 700 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। यानी अतिरिक्त सामान ले जाने पर हर किलोग्राम के हिसाब से पहले से 100 रुपये ज्यादा देने होंगे।
प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग भी महंगी
इंडिगो ने प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग के संयुक्त शुल्क में भी इजाफा किया है। पहले इसके लिए 450 रुपये देने होते थे, जिसे बढ़ाकर अब 650 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा ट्रैवल सर्टिफिकेट की फीस भी 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
यात्रियों की जेब पर बढ़ेगा कुल खर्च
इन सभी शुल्कों में बढ़ोतरी का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो इंडिगो की अतिरिक्त सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। खासतौर पर छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों, अकेले सफर करने वाले नाबालिगों और अतिरिक्त सामान ले जाने वाले यात्रियों को अब इन सुविधाओं के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।
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