करीब आठ साल पहले शुरू हुई ‘मिर्जापुर’ ने ओटीटी पर आते ही दर्शकों के बीच अलग पहचान बना ली थी। इसकी कहानी, किरदार और दमदार संवाद लोगों को इतने पसंद आए कि शो के तीन सीजन तक बनाए गए और हर बार दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। अब इसी लोकप्रिय दुनिया को फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर पेश किया गया है। खास बात यह है कि फिल्म में पुराने चेहरों के साथ कुछ नए किरदार भी दिखाई देते हैं।
क्या है फिल्म की कहानी?
‘मिर्जापुर द मूवी’(Mirzapur The Movie) की कहानी सीरीज के पहले सीजन के दौर से आगे बढ़ती है। कालीन भैया के हाथ में मिर्जापुर की सत्ता है और गुड्डू-बबलू उनके भरोसेमंद साथी हैं। दूसरी ओर मुन्ना त्रिपाठी अपनी दबंग छवि और ताकत के लिए जाना जाता है। इसी बीच जैसलमेर के बाहुबली बब्बन यादव की कहानी में एंट्री होती है। बब्बन की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है और वह कालीन भैया को रास्ते से हटाकर सत्ता हासिल करना चाहता है। उसके सामने गुड्डू, बबलू और मुन्ना जैसी मजबूत चुनौतियां खड़ी हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी को तेजी से आगे बढ़ाना है। करीब तीन घंटे की अवधि में मेकर्स ने मिर्जापुर की पुरानी दुनिया को नए दर्शकों के लिए भी समझाने की कोशिश की है। डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने कहानी को ज्यादा भटकने नहीं दिया। हालांकि कुछ हिस्से थोड़े धीमे लगते हैं लेकिन कुल मिलाकर फिल्म दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखती है।
सीटी-तालियों वाले सीन्स ने लूटी महफिल
फिल्म में एक्शन, दमदार डायलॉग और कई ऐसे दृश्य हैं जो दर्शकों को उत्साहित करते हैं। गुड्डू-बबलू की गैंगस्टर वाली शैली से लेकर मुन्ना भैया के अंदाज तक, पुराने प्रशंसकों के लिए कई परिचित रंग देखने को मिलते हैं। फाइट और चेज सीक्वेंस में संगीत भी माहौल को और प्रभावी बनाता है।
रवि किशन ने जमाया रंग
बब्बन यादव के किरदार में रवि किशन खास तौर पर प्रभाव छोड़ते हैं। उनका दमदार अंदाज और अभिनय फिल्म की कहानी में नई ऊर्जा जोड़ता है। वहीं गुड्डू और मुन्ना के बीच की पुरानी टकराहट भी कहानी का अहम आकर्षण बनी रहती है।