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जल्लाद बनी पाकिस्तानी फौज! PoK में गोलियों से भूने गए दर्जनों प्रदर्शनकारी, रावलकोट में लगा लाशों का ढेर

PoK Firing on Protesters: PoK के रावलकोट में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए। प्रदर्शन को रोकने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का दावा है कि केवल रावलकोट में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई रिपोर्ट्स में यह संख्या 17 बताई जा रही है।

मृतकों की संख्या पर अलग-अलग दावे

स्थानीय संगठनों के अनुसार इस कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। फायरिंग के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या को लेकर अब तक पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने पहले से जारी असंतोष को और गहरा कर दिया है।

JAAC ने जारी की हाथ से लिखी लिस्ट

PoK में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने हाथ से लिखी एक लिस्ट शेयर की है, जिसमें मारे गए लोगों के नाम दर्ज हैं। हिंसा के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को भी सस्पेंड कर दिया गया है। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार और सेना पिछले एक महीने से जारी प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, दावा किया गया है कि करीब दो महीने के प्रदर्शन में अब तक 91 कश्मीरियों की हत्या की जा चुकी है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

जून से जारी है विरोध प्रदर्शन

PoK में जून की शुरुआत से लोग अलग-अलग मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। ये प्रदर्शन चुनावों से पहले शुरू हुए थे। शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस, अर्धसैनिक बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान और प्रदर्शनकारी दोनों शामिल बताए गए थे। इसके बाद विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं।

क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शनकारी विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों को खत्म करने, स्थानीय लोगों को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने, गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई और बेहतर शासन व्यवस्था के साथ बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं और हालिया हिंसा के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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