NDA Mangal Milan Meeting: संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अहम ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित होगी। सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में होने वाली इस बैठक में सरकार की संसदीय रणनीति पर चर्चा होगी।
मानसून सत्र के बीच रणनीति पर मंथन
संसद के मानसून सत्र में जारी हंगामे के बीच बुलाई गई इस बैठक में नीट पेपर लीक और विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति पर विचार होने की संभावना है। बीजेपी ने लोकसभा और राज्यसभा के अपने सभी सांसदों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है। बैठक में शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू समेत एनडीए के सभी सहयोगी दलों के सांसद भी मौजूद रहेंगे।
TMC के बागी सांसद भी रहेंगे मौजूद
मंगल मिलन बैठक में TMC के वे 20 बागी सांसद भी शामिल हो सकते हैं, जो बाद में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। इनमें सायोनी घोष और युसूफ पठान का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
विपक्ष के हमलों का जवाब तलाशेगी सरकार
एनडीए की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार एंटी पेपर लीक कानून को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दूसरी ओर विपक्ष प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस एक्शन पर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए रणनीति तैयार कर सकती है।
बागी सांसदों पर भी बढ़ी सियासी हलचल
टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक में संभावित मौजूदगी के बीच राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता संबंधी लंबित याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की मांग की है। उन्होंने सांसदों की बैठने की व्यवस्था में किए गए बदलाव को भी रद्द करने का आग्रह किया है।
सरकार कई नए विधेयक भी करेगी पेश
मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार पांच नए विधेयक आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इनमें इनकम-टैक्स (संशोधन) बिल, 2026, सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल, 2026, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) बिल, 2026 शामिल हैं।
क्या है ‘मंगल मिलन’ बैठक?
‘मंगल मिलन’ बैठक असल में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का नया स्वरूप है। इसका उद्देश्य संसद सत्र के दौरान सदन के कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करना, सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाना और अलग-अलग मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करना है।
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