जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात की समीक्षा की। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। गृह मंत्री ने हालात पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
राजौरी और पुंछ में बिगड़े हालात
राजौरी और पुंछ जिलों में रातभर हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर लोगों के फंसने, वाहनों के बहने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
दरहाली नदी में उफान से बेला क्षेत्र प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार, दरहाली नदी का जलस्तर बढ़ने से बेला कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुस गया। बेला बस स्टैंड पर खड़े कई वाहन तेज बहाव में बह गए और कई घरों में पानी भर गया। पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। इसके अलावा बेला क्षेत्र के पार्क, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक परिसरों को भी नुकसान पहुंचा है। थन्ना मंडी उपखंड के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट क्षेत्रों में भी बाढ़ का असर देखा गया। बेहरोट स्थित एक क्रशर यूनिट में कुछ मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद राहत दलों को मौके पर भेजा गया।
बादल फटने की घटनाओं से बढ़ी मुश्किलें
मंजाकोट तहसील के कोटली कलाबन और गोलिनारी क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बाद आई तेज बाढ़ में स्थानीय कब्रिस्तान को नुकसान पहुंचा और कई कब्रें बह गईं। कई स्थानों पर वाहन डूबने और इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।
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