नागालैंड के मोन ज़िले में रविवार सुबह लगातार बारिश के कारण हुए ज़बरदस्त भूस्खलन में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई घर मलबे के नीचे दब गए। अधिकारियों को आशंका है कि अभी और लोग फंसे हो सकते हैं, क्योंकि खराब मौसम के बावजूद बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं। यह भूस्खलन डिफेंस कॉलोनी इलाके में हुआ, जहाँ 10 से 15 घर मलबे के नीचे दब गए, इनमें से 13 घरों के पूरी तरह प्रभावित होने की खबर है।
मोन के डिप्टी कमिश्नर वेन्येई कोन्याक ने बताया कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि अभी और भी लोग दबे हो सकते हैं और तलाशी का काम जारी है।
Mon, Nagaland | At least 8 people have died and 12 others injured following massive landslide incidents occurred in multiple locations in Nagaland's Mon district on Sunday.
Wennyei Konyak, Deputy Commissioner of Mon district told ANI, so far 4 bodies have recovered and four…
— ANI (@ANI) July 19, 2026
कोन्याक ने कहा, “सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके मोन शहर और तिज़ित हैं। रात करीब 1 बजे भारी बारिश शुरू हुई और सुबह 6 से 7 बजे के बीच भूस्खलन की खबरें मिलीं। SDRF, NDRF, असम राइफल्स, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक तीन महिलाओं और एक पुरुष समेत चार शव बरामद किए जा चुके हैं। बारह अन्य लोग घायल हुए हैं।”
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, असम राइफल्स, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), नागालैंड पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), ज़िला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर बचाव और राहत कार्य कर रहे हैं।
परिवारों के लिए राहत सहायता की घोषणा
लगातार बारिश के कारण मोन शहर के अन्य हिस्सों में भी भूस्खलन और जलभराव की समस्या हुई है। नदी के किनारे कटाव से आस-पास के कई घरों पर खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और मारे गए लोगों के परिवारों के लिए तुरंत मुआवज़े के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के लिए राहत सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और बचाव व राहत कार्यों के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा आने वाले दिनों में और भारी बारिश की भविष्यवाणी के बाद, प्रशासन ने निवासियों से अपील की है कि जब तक हालात बेहतर न हों, वे भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों, नदी के किनारों और अस्थिर पहाड़ी ढलानों पर जाने से बचें।
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