Google ने एंड्रॉयड डिवाइस की सुरक्षा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कंपनी के मुताबिक, चीन की शेन्जेन स्थित Videostrong Technology ने 13 लाख डिवाइस में जानबूझकर मैलवेयर इंस्टॉल किया और बॉटनेट तैयार किया। इसके जरिए यूजर्स की जानकारी के बिना उनके डिवाइस और इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा था। Google ने इस मामले में कंपनी को सर्टिफाइड एंड्रॉयड डिवाइस बनाने और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने से प्रतिबंधित कर दिया है।
13 लाख डिवाइस में मिला मैलवेयर
Google की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैलवेयर मुख्य रूप से Android TV सेट-टॉप बॉक्स में पाया गया। इसके जरिए कथित तौर पर आपराधिक सहयोगियों को यूजर्स के इंटरनेट कनेक्शन का गुप्त रूप से इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई। Google ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उसके आकलन के मुताबिक Videostrong Technology ने आर्थिक लाभ के लिए बैकडोर और बॉटनेट तैयार किया और संक्रमित डिवाइसों को ऑपरेट किया।
कंपनी पर Google ने लगाया प्रतिबंध
Google ने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी एक कर्मचारी की गलती या सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के दौरान हुई चूक का नतीजा नहीं था। इसके बाद कंपनी को सर्टिफाइड Android डिवाइस बनाने और बेचने के साथ उनके लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने से प्रतिबंधित कर दिया गया।
Videostrong Technology एक OEM और ODM निर्माता कंपनी है, जिसकी स्थापना 2011 में हुई थी। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, उसके उत्पाद 60 से ज्यादा देशों में 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच चुके हैं।
क्या होता है बॉटनेट, पहले भी आए मामले
बॉटनेट संक्रमित डिवाइसों का ऐसा नेटवर्क होता है, जिसे हैकर्स मैलवेयर के जरिए अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। इनका इस्तेमाल विज्ञापन धोखाधड़ी, डेटा चोरी और दूसरे मैलवेयर फैलाने जैसे साइबर अपराधों में किया जा सकता है। Android TV बॉक्स के अलावा टेलीहेल्थ डिवाइस, कराओके मशीन और डिजिटल साइनेज सिस्टम में भी मैलवेयर मिला है। Google ने बॉटनेट को नियंत्रित करने वाले डोमेन और सर्वर बंद कराने के लिए कानूनी कार्रवाई भी की है। इससे पहले जर्मनी के अधिकारियों ने BadBox बॉटनेट को ब्लॉक किया था, जिससे लाखों Android डिवाइस प्रभावित हुए थे। वहीं, Vo1d नाम के एक अन्य बॉटनेट ने करीब 16 लाख Android TV को संक्रमित किया था।
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