Chorbagan Stampede: पश्चिम बंगाल के उत्तर कोलकाता स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। शनिवार शाम बारिश के बीच भीड़ बढ़ने के बाद हुए हादसे में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 लोग घायल बताए गए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि वह 20 और 21 अक्टूबर को मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें खुद मुआवजे का चेक सौंपेंगे।
50 किलोमीटर तक सड़क से पहुंचने की तैयारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह इन दो दिनों में ज्यादा से ज्यादा प्रभावित परिवारों तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। कोलकाता से करीब 50 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले मृतकों के परिजनों के घर वह सड़क मार्ग से जाएंगे। वहीं, दूर रहने वाले परिवारों तक पहुंचने के लिए मौसम अनुकूल रहने पर हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा।
19 मृतकों में 18 पश्चिम बंगाल से
पीटीआई के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल की भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों में से 18 पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले थे। वहीं, एक मृतक बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी था।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
राज्य CID मुख्यालय भवानी भवन में हुई हाई लेवल बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतकों के शव वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में उनके परिवारों को सौंपे जाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट और DSP रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है।
अंतिम संस्कार तक परिवारों के साथ रहने की बात
अधिकारी ने कहा कि वह मृतकों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक उनके परिवारों के साथ मौजूद रहेंगे। उनका कहना है कि सरकार की ओर से परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
SIT में पुलिस और दमकल विभाग के लोग नहीं होंगे
हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता पुलिस, कोलकाता नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारियों को SIT से बाहर रखा गया है, ताकि भगदड़ में उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच हो सके।
हाई कोर्ट के मौजूदा जज की निगरानी में जांच की तैयारी
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल जल्द ही कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विट्ठलराव घुगे को पत्र लिखकर SIT की अध्यक्षता के लिए हाई कोर्ट के मौजूदा जज की अनुमति मांगेंगे। यदि अनुमति मिलती है तो जांच की कमान मौजूदा जज को सौंपी जाएगी। अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में सेवानिवृत्त जज को SIT की जिम्मेदारी देने की बात कही गई है।
SIT में कौन-कौन शामिल होगा?
प्रस्तावित SIT में गृह विभाग के एक अधिकारी, पुलिस महानिदेशक (DGP), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के प्रतिनिधि और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव को शामिल किया गया है। इसके अलावा, पूजा पंडाल में ड्यूटी पर तैनात अस्थायी होमगार्ड्स की सूची भी मांगी गई है, ताकि हादसे के दौरान उनकी भूमिका की जांच की जा सके।
होमगार्ड्स की भाषा को लेकर भी उठे सवाल
अधिकारी ने कहा कि पंडाल में तैनात अस्थायी होमगार्ड नए भर्ती किए गए कर्मचारी नहीं थे। उनके मुताबिक, इनकी नियुक्ति 2024 और 2025 के दौरान हुई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन होमगार्ड्स में से एक से उन्होंने बात करने की कोशिश की, वह बंगाली बोलना तो दूर, उसे समझ भी नहीं सकता था। अब SIT इन होमगार्ड्स की भूमिका और हादसे के दौरान उनकी तैनाती से जुड़े पहलुओं की भी जांच करेगी।
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