मणिपुर के कामजोंग जिले में हिंसा की ताजा घटना से तनाव बढ़ गया है। चासाद गांव में शनिवार देर रात संदिग्ध उग्रवादियों ने कुकी समुदाय के कम से कम 15 घरों में आग लगा दी। जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने घर छोड़ने पड़े। कई लोगों ने जंगलों और नजदीकी सेना शिविर में शरण ली। अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी। इससे पहले शनिवार को इसी गांव में हुई गोलीबारी में कुकी समुदाय के एक नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए थे। इसके अलावा कामजोंग जिला मुख्यालय में प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र समूहों के हमले में तांगखुल नागा समुदाय के तीन नागरिकों को गोली लगी। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दहशत में गांव छोड़कर भागे लोग
अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार देर रात संदिग्ध उग्रवादियों ने चासाद गांव को निशाना बनाया और कम से कम 15 घरों में आग लगा दी। इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। कई परिवारों ने जंगलों और पास के सेना शिविर में शरण ली। आगजनी से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और सुरक्षा की चिंता खड़ी हो गई है। अधिकारियों ने इलाके में स्थिति पर नजर रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि, आगजनी के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गोलीबारी में कुकी नागरिक की मौत
चासाद गांव में घरों को जलाने से पहले शनिवार को गोलीबारी की घटना हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कुकी समुदाय के एक नागरिक की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। एक अन्य घटना में कामजोंग जिला मुख्यालय में प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र समूहों के हमले के दौरान तांगखुल नागा समुदाय के तीन नागरिकों को गोली लगी। लगातार गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं ने जिले में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने की कोशिश कर रहा है।
BSF और पुलिस की संयुक्त तैनाती
मणिपुर पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि प्रभावित क्षेत्र में असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तैनात की गई है। सुरक्षा बलों को इलाके में शांति बहाल करने और नागरिकों की जान-माल की रक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद गांव में हुई हिंसा की निंदा की। उन्होंने कुकी नागरिक की मौत पर दुख जताया और घायल ग्रामीण नेताओं तथा विस्थापित परिवारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने घरों में आग लगाने की घटना को असहनीय अपराध बताते हुए कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने पर जोर दिया गया है।
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