Indian Railway: भारतीय रेलवे ने यात्रियों को सफर के साथ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद देने के लिए बड़ी पहल की है। दक्षिण रेलवे ने मदुरै-गुरुवायुर एक्सप्रेस में एग्जीक्यूटिव विस्टाडोम एसी कोच की शुरुआत की है। इस कोच से यात्रा करने वाले यात्रियों को पश्चिमी घाट के हरे-भरे जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और खूबसूरत घाटियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर सेंगोट्टई-पुनालूर घाट खंड का सफर बेहद आकर्षक रहने वाला है।
22 अक्टूबर से 15 जनवरी तक मिलेगी सुविधा
दक्षिण रेलवे के मुताबिक, फिलहाल विस्टाडोम कोच को अस्थायी आधार पर ट्रेन में जोड़ा गया है। मदुरै से रवाना होने वाली ट्रेन में यह सुविधा 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक उपलब्ध रहेगी। इस दौरान प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को ट्रेन में विस्टाडोम कोच लगाया जाएगा।
वापसी यात्रा में भी मिलेगा विस्टाडोम कोच
गुरुवायुर से मदुरै की ओर आने वाली यात्रा में भी यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। वापसी दिशा में विस्टाडोम कोच 23 अक्टूबर 2026 से 16 जनवरी 2027 तक उपलब्ध रहेगा। इस दिशा में ट्रेन प्रत्येक शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार को विस्टाडोम कोच के साथ संचालित होगी।
515 रुपये से शुरू है किराया
विस्टाडोम कोच के लिए रेलवे ने बुकिंग शुरू कर दी है। इसका मूल किराया 515 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, मदुरै से गुरुवायुर तक पूरी यात्रा करने के लिए इस कोच का किराया 1,875 रुपये होगा। यानी यात्री अपेक्षाकृत किफायती किराए में लंबी दूरी के सफर के साथ पश्चिमी घाट के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकेंगे।
बड़ी खिड़कियों और कांच की छत का आकर्षण
विस्टाडोम कोच को खासतौर पर प्राकृतिक दृश्यों को बेहतर तरीके से देखने के लिए तैयार किया जाता है। इसमें बड़ी-बड़ी खिड़कियां और कांच की छत जैसी सुविधाएं होती हैं। इनके जरिए यात्रियों को ट्रेन के दोनों ओर दिखाई देने वाले पहाड़ों, घाटियों, जंगलों और हरियाली का शानदार दृश्य देखने को मिलता है। पहाड़ी रेल मार्ग पर सफर के दौरान यह अनुभव सामान्य कोच से काफी अलग होगा।
आर्यनकावु दर्रे का भी दिखेगा खूबसूरत नजारा
इस रेल मार्ग पर स्थित आर्यनकावु दर्रा भी यात्रियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा। सेंगोट्टई-पुनालूर घाट खंड पश्चिमी घाट के सुंदर इलाकों में शामिल है और केरल तथा तमिलनाडु को रेल मार्ग से जोड़ता है। इस हिस्से से गुजरते समय यात्रियों को प्राकृतिक वातावरण और पहाड़ी परिदृश्य का करीब से आनंद लेने का मौका मिलेगा।
आरामदायक सफर के साथ प्रकृति का अनुभव
दक्षिण रेलवे का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को केवल परिवहन सुविधा देना ही नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव भी कराना है। विस्टाडोम कोच के जरिए केरल और तमिलनाडु के बीच सफर करने वाले यात्रियों को आरामदायक यात्रा के साथ पश्चिमी घाट के मनोरम दृश्यों को देखने का अनूठा अवसर मिलेगा। खासतौर पर प्रकृति और रेल यात्रा पसंद करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
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