HomeBreaking NewsKolkata Stampede: चोरबागान हादसा या कोई साजिश? अभी तक 7 गिरफ्तार, हाईकोर्ट...

Kolkata Stampede: चोरबागान हादसा या कोई साजिश? अभी तक 7 गिरफ्तार, हाईकोर्ट जज करेंगे जांच

Kolkata Stampede: कोलकाता के उत्तर हिस्से में स्थित चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को मची भगदड़ ने 19 लोगों की जान ले ली। हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पहले 17 मृतकों को अस्पताल लाया गया था, जिसके बाद दो और लोगों की मौत हो गई। 24 घायलों की हालत खतरे से बाहर है, जबकि एक की स्थिति गंभीर बताई गई है।

हाईकोर्ट के मौजूदा जज करेंगे जांच

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रात में ही घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मामले की जांच कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज से कराने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा जाएगा। प्रशासन अब हादसे की वजह और जिम्मेदारी तय करने में जुटा है।

7 लोगों की गिरफ्तारी से बढ़ी कार्रवाई

कोलकाता पुलिस ने मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, बांस का ढांचा तैयार करने वाले बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय, भीड़ नियंत्रण और वीआईपी पास की जांच करने वाले कौशिक साहा और पिंटू डे और सुरक्षा प्रभारी सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल शामिल हैं।

भीड़ प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मुकाबले व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं। पंडाल में आने-जाने का रास्ता संकरा बताया जा रहा है और रोशनी की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने के लिए लगाए गए लोग इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं थे।

हर एंगल से जांच

चोरबागान की घटना को लेकर पुलिस हादसे के साथ-साथ साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में शुरू हुई और क्या इसके पीछे किसी तरह की सुनियोजित गतिविधि थी। फिलहाल जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने घायलों का जाना हाल

हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई कदम उठाए हैं।

चोरबागान में तीन दिन तक पाबंदी

भगदड़ के बाद कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने चोरबागान और आसपास के इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी और किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने यह कदम इलाके में दोबारा भीड़ जुटने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उठाया है।

अब जांच से खुलेगा हादसे का राज

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल की यह घटना अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। भीड़ प्रबंधन, रास्तों की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और संभावित साजिश समेत तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है। सात गिरफ्तारियों और हाईकोर्ट के मौजूदा जज से प्रस्तावित जांच के बाद अब यह देखना अहम होगा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

Read More:

ग्रेटर नोएडा में क्या है 5 लोगों की मौत का रहस्य, पोस्टमार्टम में वजह साफ नहीं, अब बिसरा जांच से खुलेगा एक-एक राज?

Yogita Tyagi
Yogita Tyagihttps://mhone.in/
योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments