राजधानी दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित हादसों को टालने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कड़े निर्देशों के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में 6 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच राजधानी के सभी 12 जोनों में व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाया गया है।
एक महीने में 1,046 संपत्तियों पर चला बुलडोजर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर एमसीडी ने सभी 12 प्रशासनिक जोनों में कुल 1,046 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 282 संपत्तियों को सील भी किया गया है। रोहिणी, शाहदरा और साउथ जोन जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर हथौड़ा चलाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
47 खतरनाक इमारतें ध्वस्त और नोटिस जारी
अवैध निर्माण के साथ-साथ जर्जर और खतरनाक हो चुकी इमारतों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए गए हैं। इस अभियान के तहत कुल 47 खतरनाक इमारतों को जमींदोज किया गया है। हाल ही में सीमापुरी में हुई इमारत ढहने की दुर्घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए एक अन्य असुरक्षित इमारत को गिराया है, जबकि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा 3 अन्य मकानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
सुरक्षा को प्राथमिकता, पूरे शहर में जारी रहेगा अभियान
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नियमों की अनदेखी करने वालों और अवैध निर्माण को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि यह ध्वस्तीकरण अभियान किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर दिल्ली के सभी जोनों में निरंतर और अधिक तेजी से जारी रखा जाए, ताकि आम जनता की जान-माल की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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