भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अंतरिक्ष की दुनिया में नया इतिहास रच दिया है। इसरो ने अपने जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के जरिए 2,300 किलोग्राम से अधिक वजनी देश के पहले भू-तुल्यकालिक इमेजिंग उपग्रह (ईओएस-05) को शुक्रवार तड़के सफलतापूर्वक उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया। इस ऐतिहासिक कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए इसे देश के लिए अत्यंत गौरवशाली पल बताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी प्रतिक्रिया
इस ऐतिहासिक सफलता पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इसरो वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह लॉन्च भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार बढ़ रही तकनीकी ताकत, बेहतरीन इनोवेशन और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि इसरो और भारतीय उद्योगों के बीच मजबूत होती साझेदारी से देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक नई रफ्तार और ऊर्जा मिल रही है।
अंतरिक्ष विज्ञान में भारत का बढ़ता कदम
यह मिशन न केवल साल 2026 की पहली बड़ी अंतरिक्ष कामयाबी है बल्कि देश की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं का एक जीवंत उदाहरण भी है। इस सैटेलाइट के अंतरिक्ष में स्थापित होने से देश की मैपिंग, निगरानी और इमेजिंग क्षमताओं को और अधिक मजबूती मिलेगी, जिससे भविष्य में कई क्षेत्रों में सीधा लाभ पहुंचेगा।