Non-bailable Warrant Issued Against Pakistani Terrorist Shahzad Bhatti: पाकिस्तानी आतंकी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जालंधर के इन्फ्लुएंसर नवदीप सिंह उर्फ रॉजर संधू के घर पर ग्रेनेड हमले के मामले में मोहाली स्थित NIA की विशेष अदालत ने उसके खिलाफ ओपन-डेटेड नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने माना कि आरोपी लगातार फरार है और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे समन या जमानती वारंट के जरिए अदालत में पेश कराना संभव नहीं है।
ब्राजील में छिपा होने का दावा
NIA के अनुसार, शहजाद भट्टी फिलहाल ब्राजील में छिपा हुआ है और वहीं से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि NBW जारी होने के बाद इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता खुल गया है। यह वारंट उसकी गिरफ्तारी तक प्रभावी रहेगा। इससे पहले ऐसा वारंट कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अजहर के खिलाफ भी जारी किया जा चुका है।
ग्रेनेड हमले से जुड़ा मामला
यह मामला 16 मार्च 2025 का है, जब जालंधर के थाना मकसूदां क्षेत्र में इन्फ्लुएंसर नवदीप सिंह उर्फ रॉजर संधू के घर की बालकनी में एक संदिग्ध धातु की वस्तु मिली, जो जांच में हैंड ग्रेनेड निकली। शुरुआती जांच पंजाब पुलिस ने की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी ने टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए नवदीप संधू पर लाइव स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गिफ्टिंग के माध्यम से पैसे देने का दबाव बनाया। इनकार करने पर उसने अपने भारतीय नेटवर्क के जरिए ग्रेनेड हमला कराने की साजिश रची।
व्हाट्सएप ग्रुप से रची गई साजिश
NIA की जांच में सामने आया कि शहजाद भट्टी पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से एक व्हाट्सएप ग्रुप चला रहा था, जिसमें कई भारतीय नंबर जुड़े हुए थे। एजेंसी का दावा है कि इसी ग्रुप के जरिए हमले की योजना बनाई गई, आरोपियों के बीच संपर्क स्थापित कराया गया और पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की गई।
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NIA की एंट्री
15 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर NIA ने मामले को दोबारा दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। इससे पहले पंजाब पुलिस 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी और 9 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। बाद में 2 अप्रैल 2026 को NIA ने विशेष अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें शहजाद भट्टी और दीपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपन राणा को आरोपी बनाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि भट्टी ने भारतीय गुर्गे हार्दिक कंबोज को जालंधर भेजा था, जबकि विदेश में बैठे मोहम्मद जशीर अख्तर उर्फ जस्सी के साथ मिलकर भर्ती और लॉजिस्टिक्स का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
आतंकी नेटवर्क पर फोकस
NIA ने अदालत में पंजाब पुलिस की रिपोर्ट भी पेश की, जिसके मुताबिक शहजाद भट्टी के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग थानों में आतंकवाद, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि वह केवल रंगदारी या व्यक्तिगत रंजिश तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी धरती का इस्तेमाल कर भारत विरोधी गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क संचालित करने वाले बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। NBW जारी होने के बाद अब एजेंसी उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई तेज करने की तैयारी में है।
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