आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए ताहिर हुसैन(Tahir Hussain) और अन्य आरोपियों की सजा पर अदालत 31 जुलाई को फैसला सुनाएगी। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अदालत से सभी दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह वारदात पहले से बनाई गई साजिश के तहत बेहद क्रूर तरीके से अंजाम दी गई थी। पुलिस का तर्क है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि घटना के समय आरोपियों ने अत्यधिक हिंसक और अमानवीय व्यवहार किया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी और वारदात के दौरान अंकित शर्मा पर लगातार हमला किया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि जब उनका शव बरामद हुआ तब उनकी स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि इस तरह का अपराध समाज के लिए अत्यंत गंभीर है और इसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई गंभीर चोटें
पुलिस ने अदालत के सामने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अंकित शर्मा के शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान पाए गए थे। इनमें से 7 चोटें ऐसी थीं, जो अपने आप में जानलेवा थीं जबकि 16 घाव धारदार हथियार से किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने कहा कि ये तथ्य घटना की गंभीरता और हिंसा की तीव्रता को स्पष्ट करते हैं।
पहले ही दोषी ठहराए जा चुके हैं आरोपी
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि आरोपी हिंसक भीड़ का हिस्सा थे, जिसने दंगे, आगजनी और हिंसा के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की।
ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं, जिनमें हत्या, अपहरण, दंगा, घातक हथियार के साथ दंगा, वैमनस्य फैलाने और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़ी धाराएं शामिल हैं, के तहत दोषी ठहराया गया है। अब सभी की नजर 31 जुलाई को आने वाले सजा के फैसले पर टिकी है।