केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को फर्जी बताते हुए कहा है कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया डीपफेक है। उन्होंने दावा किया कि संसद परिसर के बाहर मीडिया से की गई उनकी वास्तविक टिप्पणियों के साथ छेड़छाड़ कर यह वीडियो बनाया गया और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
‘बयान को एडिट कर तैयार किया गया वीडियो’
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में गोयल ने कहा कि उनके मूल बयान को एडिट कर AI तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नकली वीडियो तैयार किया गया। उनके मुताबिक, इस तरह की सामग्री का मकसद गलत जानकारी फैलाना और लोगों को भ्रमित करना है। उन्होंने कहा कि भ्रामक वीडियो और डीपफेक सामग्री लोकतांत्रिक संवाद को प्रभावित कर सकती है, इसलिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
⚠️ IMPORTANT
My remarks to the media outside Parliament have been maliciously doctored using AI to create and circulate a deepfake video in an attempt to spread misinformation.
I have filed a police complaint, and an FIR (No. 123/26) has been registered at Chanakyapuri Police…
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 25, 2026
चाणक्यपुरी थाने में दर्ज कराई शिकायत
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है। उनके अनुसार, 25 जुलाई 2026 को सुबह 4:35 बजे नई दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 123/26 दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने, उसे सोशल मीडिया पर साझा करने या उसके प्रसार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की अपील
पीयूष गोयल ने कहा कि किसी को गुमराह करने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी सामग्री पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से जरूर करें।
⚠️ Fake Video Alert!
Pakistani propaganda accounts are circulating a video of Union Minister Piyush Goyal claiming that he made threatening remarks about the protesting students. #PIBFactCheck:
❌This video is #Fake and AI-generated.
✅ Union Minister @piyushgoyal did… pic.twitter.com/lowN3RxaHl
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 24, 2026

