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NALSAR छात्रों के विरोध पर CJI सूर्यकांत की टिप्पणी, कहा – ‘प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की जरूरत नहीं’

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने NALSAR (National Academy of Legal Studies and Research) के उन छात्रों के समर्थन में अहम टिप्पणी की है, जिन्होंने उनके विरोध में प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि अगर छात्र उनका विरोध कर रहे हैं, तो बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य बार काउंसिल को विरोध करने वाले छात्रों का वकील के तौर पर नामांकन नहीं रोकना चाहिए। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया। BCI की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि छात्रों के खिलाफ जारी किया गया संबंधित आदेश वापस ले लिया गया है।

‘छात्रों ने विरोध किया तो कार्रवाई क्यों?’

CJI सूर्यकांत ने कहा कि जब वह खुद छात्र थे, तब वह भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते थे। छात्रों को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और सिर्फ विरोध करने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर कोई कम उम्र का युवा हमारे विरोध में भी कोई बात कहता है तो उसे ऐसा कहने दीजिए।” CJI ने कहा कि उनका प्रयास होगा कि इन छात्रों को जल्द वकालत का लाइसेंस मिले और वे सुप्रीम कोर्ट आकर प्रैक्टिस करें। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को लीगल सर्विस अथॉरिटी में काम करने का मौका दिया जा सकता है। CJI के मुताबिक, छात्रों के करियर को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के लिए इससे बेहतर जवाब नहीं हो सकता।

दीक्षांत समारोह में CJI के आने का किया था विरोध

दरअसल, NALSAR हैदराबाद के 2026 बैच के कुछ छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत के शामिल होने का विरोध किया था। इसके बाद BCI की ओर से छात्रों के वकील के रूप में नामांकन को लेकर आदेश जारी किया गया था। BCI ने अपने शुरुआती आदेश में विरोध प्रदर्शन से जुड़े छात्रों के नामांकन पर अंतरिम रोक लगाने की बात कही थी। साथ ही विश्वविद्यालय से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी गई थी।

BCI ने तीन दिन में मांगी थी रिपोर्ट

BCI ने NALSAR से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था। इसके अलावा विरोध अभियान से जुड़े छात्रों और आयोजकों की जानकारी भी मांगी गई थी। रिपोर्ट मिलने के बाद 19 अगस्त को आगे की कार्रवाई पर फैसला लेने की बात कही गई थी। BCI की ओर से कहा गया था कि न्यायपालिका के सर्वोच्च पद का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान BCI के वकील ने स्पष्ट किया कि छात्रों के खिलाफ जारी संबंधित आदेश वापस ले लिया गया है।

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Ram Janam Chauhan
Ram Janam Chauhanhttp://mhone.in
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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