प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के बांद्रा स्थित रंगशारदा होटल(Bandra’s Rangsharda Hotel) और प्रभादेवी में मौजूद एक भूखंड को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। दोनों संपत्तियां रंगशारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं और उनकी अनुमानित कीमत करीब 332 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य संबंधित आरोपियों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है।
ईडी के मुताबिक, महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने मराठी रंगमंच, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह जमीन रंगशारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को रियायती दर पर दी थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि बाद में इस भूमि का उपयोग तय शर्तों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया गया।
FIR के बाद शुरू हुई जांच
इस मामले की जांच बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। शिकायत ट्रस्ट के ट्रस्टियों की ओर से दर्ज कराई गई थी, जिसमें प्रभुदास लोटिया और रंगशारदा होटल्स पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।
व्यावसायिक इस्तेमाल के आरोप
ईडी का कहना है कि जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट के लिए निर्धारित परिसर का उपयोग होटल, लॉज, रेस्तरां, बार, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया गया। एजेंसी का आरोप है कि ऐसा आवश्यक वैधानिक मंजूरियों और आवंटन की शर्तों का पालन किए बिना किया गया। साथ ही, ट्रस्ट को दिए जाने वाले नाट्यगृह और कलाकारों के आवास भी निर्धारित तरीके से नहीं सौंपे गए।
512 करोड़ रुपये की अवैध आय का दावा
जांच एजेंसी के अनुसार, ट्रस्ट की भूमि पर बने व्यावसायिक परिसरों की कथित बिक्री से प्राप्त धन का इस्तेमाल प्रभादेवी में दूसरी संपत्ति खरीदने में किया गया। ईडी का दावा है कि अब तक की जांच में अपराध से अर्जित आय लगभग 512 करोड़ रुपये आंकी गई है जिसमें होटल, रेस्तरां, बार, बैंक्वेट सेवाओं, किराए और अन्य स्रोतों से हुई कमाई शामिल है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।