उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर में पुलिस ने नेशनल हाईवे पर चाय का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति को गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के ठेले से 2 किलो 660 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि ठेले पर रोजाना लोग चाय पीने के लिए रुकते थे। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास इतनी मात्रा में गांजा कहां से आया और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
ठेले की तलाशी में मिला 2 किलो से ज्यादा गांजा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान धामपुर के मोहल्ला नई सराय निवासी नौशाद पुत्र अब्दुल रशीद के रूप में हुई है। वह नेशनल हाईवे पर चाय का ठेला लगाता था। पुलिस को सूचना मिलने के बाद ठेले की जांच की गई, जहां से 2 किलो 660 ग्राम गांजा बरामद होने का दावा किया गया है। इसके बाद पुलिस ने नौशाद को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। धामपुर पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को इस कार्रवाई की जानकारी दी। मामले में धामपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गांजे की आपूर्ति के स्रोत और उसकी कथित बिक्री से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नशीला पदार्थ किसी बड़े नेटवर्क के जरिए यहां पहुंच रहा था या नहीं।
आरोपी पर पहले भी दर्ज हो चुके हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, नौशाद के खिलाफ पहले भी नशे और शराब से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 से 2026 के बीच धामपुर और शेरकोट थानों में उसके खिलाफ आबकारी कानून और एनडीपीएस कानून के तहत मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, वर्ष 2024 में उसके खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास से पहले भी गांजा बरामद हो चुका है। इन पुराने मामलों को देखते हुए मौजूदा कार्रवाई के बाद उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच की जा रही है। हालांकि, गांजे की आपूर्ति और बिक्री में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चार पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई को धामपुर पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने अंजाम दिया। टीम में उपनिरीक्षक कुलभूषण प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक गोपाल सिंह, कांस्टेबल कौशलेन्द्र और कांस्टेबल रजत शामिल थे। हाईवे पर चाय के ठेले से गांजा बरामद होने के मामले की स्थानीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। पुलिस का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी बिक्री से जुड़े अन्य लोग भी सक्रिय थे या नहीं। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाएगी।
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