जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सोपोर पुलिस को इलाके में आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर पुलिस और सेना के जवानों ने बोमई थाना क्षेत्र के मुकाम चेरहर के जंगलों में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने घने जंगल में एक भारी-भरकम चट्टान के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों, विस्फोटकों और गोला-बारूद के एक विशाल जखीरे का पर्दाफाश किया। समय रहते इस ठिकाने का खुलासा होने से घाटी में किसी बड़ी और खतरनाक आतंकी साजिश को टाल दिया गया है।
एके-47 राइफल, रिमोट आईईडी और ग्रेनेड जब्त
जंगल में चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान बरामद की गई सामग्री किसी बड़े हमले की तैयारी की ओर इशारा करती है। मौके से सुरक्षाबलों ने एक एके-47 और एक एके-76 राइफल के साथ चार अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त, 7 राइफल मैगजीन, 4 पिस्तौल मैगजीन, भारी मात्रा में कारतूस, एक मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर और उसके 5 राउंड भी हाथ लगे हैं। जखीरे में सिर्फ गोलियां ही नहीं, बल्कि रिमोट कंट्रोल से संचालित होने वाले 3 शक्तिशाली आईईडी (IED), 11 हैंड ग्रेनेड, 8 डेटोनेटर और 2 टाइमर भी शामिल थे। खतरनाक विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर बुलाया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए सभी सामान को कब्जे में ले लिया गया।
यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू
इस बड़ी बरामदगी के तुरंत बाद बोमई पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 66/2026 दर्ज कर ली गई है। इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) की धारा 13, 18, 20 और 23 के साथ-साथ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम के कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह भारी खेप जंगल तक किसने और कब पहुंचाई थी। इसके साथ ही इस बात की भी गहन पड़ताल की जा रही है कि यह आतंकी नेटवर्क किसका था और इसके जरिए आने वाले दिनों में किस संवेदनशील इलाके को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी।
पुंछ में एलओसी के पास पांच बारूदी सुरंगें नष्ट
एक तरफ जहां सोपोर में हथियारों का जखीरा पकड़ा गया, वहीं दूसरी ओर पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सेना ने एक और बड़ा खतरा टाल दिया। मेंढर सेक्टर के बसोनी टॉप इलाके में गश्ती दल ने फेंसिंग के पास संदिग्ध बारूदी सुरंगों का पता लगाया था। जवानों की सूझबूझ से लगातार दो दिनों में कुल 5 बारूदी सुरंगों का पता चला, जिसमें एक दिन पहले 3 और बाद में 2 सुरंगें मिलीं। सेना के बम निरोधक दस्ते ने बिना किसी नुकसान के नियंत्रित धमाका करके इन सभी पांचों सुरंगों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई जाने वाली ये सुरंगें कई बार तेज बारिश के कारण अपनी जगह से बहकर आगे आ जाती हैं, जिससे जवानों और स्थानीय लोगों की जान को भारी खतरा पैदा हो जाता है।
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