गाजियाबाद में साइबर ठगी के एक गिरोह का खुलासा हुआ है, जो बीमा पॉलिसी का नवीनीकरण कराने और प्रीमियम पर छूट दिलाने के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था। आरोपी Google पर विज्ञापन देकर ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद बीमा कंपनी के नाम से पैसे वसूलकर उन्हें फर्जी पॉलिसी प्रमाणपत्र भेज देते थे। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने चार महीने में करीब 40 लाख रुपये की ठगी की। कथित सरगना दीपक खन्ना उर्फ डीजे अब भी फरार है।
बीमा कंपनी के नाम पर बनाते थे फर्जी विज्ञापन
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय बलवंत कुमार चौधरी के अनुसार, आरोपी टाटा एआईजी इंश्योरेंस के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी ई-मेल आईडी और Google विज्ञापन तैयार करते थे। विज्ञापनों में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने वाले लोगों को पॉलिसी रिन्यूअल और प्रीमियम में छूट का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद उनसे गिरोह के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा ली जाती थी। ठगी का पता न चले, इसके लिए आरोपी फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर से नकली बीमा प्रमाणपत्र बनाते और ई-मेल के जरिए ग्राहकों को भेज देते थे। प्रमाणपत्र मिलने के बाद पीड़ितों को लगता था कि उनकी पॉलिसी का नवीनीकरण हो चुका है। इसी तरीके से आरोपी लोगों का भरोसा जीतकर ठगी करते थे।
डासना जेल में हुई मुलाकात
पुलिस जांच के मुताबिक, गिरोह के कथित सरगना दीपक और राहुल की मुलाकात डासना जेल में हुई थी। बाद में कॉल सेंटर में काम कर चुके कुछ लोग भी इस नेटवर्क से जुड़ गए। गिरोह में विक्रम उर्फ विक्की की भूमिका ठगी की रकम मंगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने की थी। पुलिस के अनुसार, रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए खातों के बदले विक्रम और संबंधित खाताधारकों को पांच-पांच प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों के लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से गिरोह के दूसरे सदस्यों की भूमिका का पता लगा रही हैं।
कई राज्यों से मिलीं शिकायतें
पुलिस ने नीरज भाटी, नीरज सोलंकी, विक्रम सिंह, नितिन, सुशील कुमार, विक्रांत सिंह और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चार मोबाइल फोन, दो एटीएम या डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, एक पासबुक और 3,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर केरल और झारखंड समेत अन्य राज्यों से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई हैं। फरार आरोपी दीपक खन्ना उर्फ डीजे की तलाश जारी है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि बीमा पॉलिसी रिन्यू कराने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा से संपर्क कर लें। केवल Google पर विज्ञापन दिखने के आधार पर किसी नंबर पर भुगतान न करें। संदिग्ध लेनदेन या फर्जी प्रमाणपत्र मिलने पर तुरंत साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।
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