IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दो अलग-अलग लो-प्रेशर क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों के दौरान उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, इन तीनों मौसम प्रणालियों के कारण कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बन गई है।
दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और राजस्थान के ऊपर बने मौसम तंत्र एक-दूसरे को मजबूती दे रहे हैं, जिससे उत्तर भारत में नमी की आपूर्ति बढ़ेगी और बारिश का दायरा भी बढ़ेगा। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के चलते तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने, नदी-नालों के उफान, सड़कें बंद होने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम होगा और मजबूत
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तट के पास बना लो-प्रेशर का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। सोमवार तक इसके और ज्यादा एक्टिव होने की संभावना है। इसके बाद यह पारादीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट को पार करते हुए आगे बढ़ सकता है।
ओडिशा, झारखंड और बंगाल में भी तेज बारिश
इस मौसम प्रणाली के असर से ओडिशा और झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
राजस्थान से अरब सागर की नमी बढ़ा रही असर
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना लो-प्रेशर का क्षेत्र लगातार अरब सागर से नमी खींच रहा है। इसी वजह से पश्चिमी और मध्य भारत में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। इसका असर सोमवार से उत्तर भारत में और साफ दिखाई देने की संभावना है।
UP-बिहार में भी बारिश बढ़ेगी
दिल्ली, पूर्वी हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं बिहार के आंतरिक हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो सकती है, हालांकि राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना अधिक है।
कम हुई बारिश की भरपाई की उम्मीद
देशभर में अब तक सामान्य से लगभग 15% कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक्टिव दोनों लो-प्रेशर क्षेत्रों के कारण अगले कुछ दिनों में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
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