Hormuz Strait Oil Tanker Blast: पश्चिम एशिया के संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा समुद्री हादसा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंग (सी माइन) से टकरा गया, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक टैंकर के परखच्चे उड़ गए। ईरान की ओर से दावा किया गया है कि यह टैंकर उसके द्वारा निर्धारित सुरक्षित समुद्री मार्ग से भटक गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
सुरक्षित मार्ग छोड़ने का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टैंकर ईरान की ओर से तय किए गए सुरक्षित समुद्री रास्ते से हट गया था और इसी दौरान वह समुद्री माइन की चपेट में आ गया। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि टैंकर किस देश का था, वह किस तरफ जा रहा था और इस हादसे में उसे कितना नुकसान पहुंचा। इन दावों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तनावपूर्ण माहौल के बीच हुई घटना
यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव पहले से ही बना हुआ है। पिछले कई महीनों से पश्चिम एशिया में ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं। इसी बीच ईरान ने रविवार को घोषणा की कि उसने फिलहाल अमेरिका के सहयोगी देशों के खिलाफ अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई रोक दी है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने कहा कि पिछले दो दिनों से अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर कोई हमला नहीं किया है। उनके अनुसार इसी वजह से ईरान ने भी अपनी जवाबी सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की रणनीति हमेशा जवाबी कार्रवाई की रही है और यदि सामने से हमले रुकते हैं तो उनकी ओर से भी सैन्य अभियान रोक दिए जाते हैं।
क्या फिर शुरू होगी बातचीत?
ईरान के इस फैसले के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि दोनों देशों की सेनाएं अब भी पूरी तरह सतर्क हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान रोक रखे हैं।
अमेरिकी रिपोर्ट्स में क्या दावा
CNN ने पेंटागन के एक अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका के सैन्य अभियान फिलहाल होल्ड पर हैं। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका पहले से अधिक बड़े स्तर पर कार्रवाई कर सकता है।
सैन्य कार्रवाई टालने की बताई जा रही वजह
द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आगे की सैन्य कार्रवाई टालने के पीछे अमेरिकी रक्षा प्रणाली, विशेष रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के सीमित भंडार को भी एक कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि व्हाइट हाउस किसी बड़े युद्ध के आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों का भी आकलन कर रहा है।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
हालांकि फिलहाल क्षेत्र में तनाव कुछ कम होता दिखाई दे रहा है, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि यदि अमेरिका दोबारा सैन्य हमले शुरू करता है तो वह भी अपनी जवाबी कार्रवाई फिर से शुरू करेगा।
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