पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बलूच संगठनों की ओर से स्वतंत्रता की मांग और पाकिस्तान से अलग राष्ट्र के रूप में पहचान की कोशिशों के बीच प्रांत के कई इलाकों में सैन्य अभियान, विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा पाबंदियां बढ़ गई हैं।
खुजदार में लॉकडाउन
तनाव के बीच खुजदार शहर में लॉकडाउन लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने अगले आदेश तक इसे सख्ती से लागू करने की बात कही है। लोगों को जरूरी काम के अलावा घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई है और नियम तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लॉकडाउन के कारण बाजार और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाने और आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई इलाकों में सैन्य अभियान तेज होने का दावा
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि खुजदार के अलावा खारान, जेहरी, कालात, मूला और जियारत जैसे इलाकों में भी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। इन इलाकों में जमीनी और हवाई अभियान चलाए जाने की बात कही जा रही है। वहीं, नागरिकों के हताहत होने और हवाई हमलों को लेकर भी दावे सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इंटरनेट और संचार सेवाएं प्रभावित
तनाव के बीच प्रांत के कई हिस्सों में इंटरनेट और संचार सेवाएं बाधित किए जाने की भी खबरें हैं। इससे स्थानीय लोगों की बाहरी दुनिया से संपर्क की क्षमता प्रभावित हुई है। इसके बावजूद कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी रहने की बात सामने आई है। बलूच यकजहती कमेटी (BYC) समेत कुछ संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारी लापता लोगों का पता लगाने, सैन्य अभियानों पर रोक और मानवाधिकारों की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बढ़ा टकराव
प्रदर्शनों के दौरान मुख्य सड़कों को जाम किए जाने की खबरें हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग, गिरफ्तारियां और फायरिंग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। बलूच कार्यकर्ता लंबे समय से संसाधनों के असमान वितरण, जबरन लापता किए जाने और सुरक्षा बलों की कार्रवाई का विरोध करते रहे हैं। उनका आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार की नीतियों से क्षेत्र में असंतोष और बढ़ा है।
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