उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में भारत की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक आस्था को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया में करीब 200 देश हैं, लेकिन 50 करोड़ से अधिक आबादी वाले देश केवल भारत और चीन हैं। भारत की विशेषता यह है कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरा देश आस्था के सूत्र में बंधा हुआ है।
आस्था से जुड़ा है भारत का अस्तित्व
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूरोप को भले ही एक इकाई के रूप में देखा जाता है, लेकिन वह अलग-अलग देशों और राजनीतिक इकाइयों का समूह है। भारत की सांस्कृतिक एकता उसकी सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि मंदिर जाने का उद्देश्य केवल दर्शन करना नहीं, बल्कि नकारात्मकता को दूर कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाना भी है।
अयोध्या में बदली तस्वीर
CM योगी आदित्यनाथ ने 2 नवंबर 1990 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और कई लोगों ने बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध था, लेकिन आज रामभक्तों पर फूलों की वर्षा होती है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए बताया कि पहले शहर में संकरी गलियां, खराब सड़कें और बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। आज चारों दिशाओं से चार लेन की सड़कें, बेहतर रेलवे सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उपलब्ध है। अब हर दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि पर्वों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है।
दीपोत्सव से विकास और समृद्धि का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी लोग सोचते थे कि रामलला टेंट से बाहर कब आएंगे, लेकिन आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है। दीपोत्सव में जलने वाला एक-एक दीप उत्तर प्रदेश की समृद्धि और विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सकारात्मकता, श्रद्धा और आस्था से ही विकास, खुशहाली और शांति का रास्ता खुलता है, जबकि नकारात्मकता से अराजकता और अव्यवस्था पैदा होती है।
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